रोहतक। मनीषा केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में झोल नजर आ रहा है। भिवानी की रिपोर्ट सवाल उठा रही है तो पीजीआई के चिकित्सकों की रिपोर्ट इन सवालों से साफ इनकार कर रही है। इसमें मृतका की सलवार पर एग्रेशन के मार्क, जहर की शीशी का न मिलना, मरने वाले का जहर खरीद कर बिल लेना, घर से दूर जाकर खेत में जान देना खरीखे सवाल मुख्य हैं। यह दावा किया है एडवोकेट प्रदीप मलकि ने। बुधवार को मनीषा केस में लीगल एक्सपर्ट के तौर मौत की थ्योरी सुलझाने के लिए इन्होंने अपनी बात रखी।
अधिवक्ता ने कहा कि पीजीआई की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अलग है। पीजीआई की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि बाडी पार्ट गायब है। दुष्कर्म नहीं हुआ है। इस केस में पुलिस तथ्य छिपाने की कोशिश कर रही है। भिवानी में हुए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट में मृतका की सलवार पर एग्रेशन के मार्क, जहर की शीशी नहीं मिलने व अन्य फैक्ट्स छिपाए गए हैं। यह अपने आपमें सवाल खड़े करते हैं।