फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाल सिग्नल के बावजूद रफ्तार में निकली ट्रेन

विज्ञापन
रेलवे ट्रैक क्रास करने का प्रयास करने वाले बाइक सवारों ने जब तेज रफ्तार से पैसेंजर को आती देख ट्र?
विज्ञापन
बजरंग भवन फाटक के पास शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजकर 12 मिनट पर बड़ा रेल हादसा हो सकता था। पानीपत से रोहतक आ रही पैसेंजर ट्रेन-54008 के चालक ने लाल सिग्नल को तोड़ दिया। इससे हड़कंप मच गया और आनन-फानन में फाटक पर तैनात रेल कर्मचारी ने शोर मचाकर लोगों को ट्रैक से हटाया। जानकारी के अनुसार एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के पिलर निर्माण के चलते बजरंग भवन फाटक के पास लाल सिग्नल था। इसके बावजूद ट्रेन करीब 40-45 किलोमीटर की रफ्तार से गुजरी। इस पर रेल कर्मचारी ने मामला रजिस्टर में पंजीकृत करके उच्चाधिकारियों को सूचना दी। वहीं, इस बारे में स्टेशन अधीक्षक का कहना है कि चालक ने पूछताछ में बताया कि उसने लाल सिग्नल पर ट्रेन रोकी थी, इसके बाद रफ्तार में ट्रेन निकली।
विज्ञापन

बता दें कि गोहाना-रोहतक रेल लाइन पर एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। रास्ता बंद होने के बावजूद आसपास स्थित स्कूल के बच्चे, साइकिल व बाइक सवार इधर-उधर से कच्चे रास्ते से होकर रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं। निर्माण कार्य के चलते बजरंग भवन फाटक से ट्रेनें हार्न बजाते हुए काफी धीमी गति से गुजरती हैं ताकि ट्रैक पार करने वाले सुरक्षित रहे। इसके अलावा फाटक पर तैनात रेल कर्मी हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को गुजरते हैं। लेकिन शुक्रवार दोपहर बाद बजरंग भवन फाटक पर उस समय हड़कंप के साथ भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई जब सिग्नल संख्या 3ए लाल होने के बावजूद पैसेंजर ट्रेन 40-45 किमी. की स्पीड से दौड़ाई गई।
निर्माण कार्य के चलते हर समय सिग्नल रहता है लाल
एलिवेटेड रेल ट्रैक निर्माण के दौरान हुई खुदाई के चलते सिग्नल के तार कट चुके हैं। इसकी वजह से सिग्नल लाल रहता है। इस वजह से सोनीपत रेलवे क्रॉसिंग पार करने के बाद ट्रेन दिन में रुकती है। जब बजरंग भवन क्रॉसिंग पर तैनात कर्मी हरी झंडी दिखाता तब ट्रेन धीमी गति से रवाना होती है।
विज्ञापन

दिन में एक और रात को दो मिनट रुकती हैं ट्रेनें
फाटक का सिग्नल लाल मिलने की वजह से रेलवे नियमानुसार ट्रेन दिन में एक मिनट और रात को दो मिनट के लिए रुकती है। रेल कर्मी के अनुसार शुक्रवार को ड्राइवर ने ट्रेन नहीं रोकी और रफ्तार से निकालकर ले गया।
नियम : सिग्नल से 200 मीटर पहले रोकनी होती है ट्रेन
सिग्नल लाल होने पर चालक को ट्रेन 200 मीटर पहले रोकनी होती है। यदि ड्राइवर बिना ट्रेन रोके आगे बढ़ जाता है तो यह रेलवे नियमानुसार काफी गंभीर मामला होता है और सीधे ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई होती है।
स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि ट्रेन के ड्राइवर को बुलाकर पूछताछ की गई है। उसका कहना है कि उसने सिग्नल देखकर एक मिनट के लिए ट्रेन रोकी और फिर रफ्तार से निकाली। उनका कहना है कि फिलहाल ड्राइवर का दोष नजर नहीं आता फिर भी जांच की जाएगी।
विज्ञापन

- यशपाल मीणा, स्टेशन अधीक्षक

रेलवे ट्रैक क्रास करने का प्रयास करने वाले बाइक सवारों ने जब तेज रफ्तार से पैसेंजर आती देखी तो कि?

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें