ठंड बढ़ने के साथ जल्द ही कोहरा भी छाने वाला है, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने अभी तक कोई तैयारी नहीं की है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विभाग के पास सड़कों पर सफेद पट्टी, साइन बोर्ड, गति अवरोधक और चमकने वाली स्ट्रिप लगाने के लिए 14 लाख 78 हजार का बजट है, लेकिन अभी तक इस कार्य के लिए टेंडर तक नहीं हो सके हैं। धुंध के समय में सड़कों पर सफेद पट्टी और रेडियम स्ट्रिप न होना सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन जाती है।
बता दें कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर ज्यादातर स्थानों से सफेद पट्टी गायब है। इससे वाहन चालकों को काफी दिक्कत होती है, वहीं धुंध के समय सफर काफी खतरनाक हो जाता है। क्योंकि इस दौरान वाहन चालकों को पता ही नहीं चल पाता कि सड़क की चौड़ाई कितनी है। कई बार गाड़ी सड़क से नीचे उतरकर पलट जाती है। हालांकि स्मॉग और धुंध में हादसों को कम करने के लिए नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और आरटीए सभी के पास बजट आता है, लेकिन यह खर्च कहां हो जाता है, इसका कुछ पता नहीं लगता। फिलहाल प्रशासन की तैयारी न होने के कारण दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। हर साल स्मॉग और धुंध का आना तय है, लेकिन पहले से कोई तैयारी नहीं की जाती, जब धुंध छाने लगती है और दुर्घटनाएं हो जाती हैं, तभी अधिकारियों की नींद टूटती है।
सरकारी आंकड़ों में ये स्थान हैं खतरनाक
जिले की सबसे खतरनाक रोड की श्रेणी में बेरी से कलानौर तक रोहतक भिवानी रोड से चरखी दादरी तक सफेद पट्टी, गति अवरोधक और रेडियम स्ट्रिप न होने से खतरनाक है। वहीं स्टेट हाईवे रोहतक खरखौदा से दिल्ली बॉर्डर तक और रोहतक से भिवानी तक काफी खतरनाक है, जिस पर विभाग सफेद पट्टी, साइन बोर्ड, रंबल स्ट्रिप लगवाने की तैयारी कर रहा है।
यहां भी नहीं है सफेद पट्टी
दिल्ली रोड पर तिलियार झील के पास, दिल्ली बाईपास, सर्कुलर रोड पर शिवाजी कॉलोनी चौक से लेकर सुनारिया तक सफेद पट्टी गायब है। कुछ स्थानों पर यह सफेद पट्टी नजर आती है, लेकिन धुंध होने पर यह भी नहीं दिखती। भिवानी रोड पर हाईवे की शुरुआत से ही सफेद पट्टी नहीं है। फ्लाईओवर पर कहीं साइड में कुछ पट्टी नजर आती है तो कहीं मध्य में। झज्जर रोड पर भी कहीं भी सफेद पट्टी नहीं है। यही हाल शहर में सोनीपत रोड का है। अधिकांश जगह सफेद पट्टी गायब हो गई है, वहीं बोहर, भालौठ, कंसाला, हुमायूंपुर और आसन के पास भी सफेद पट्टी गायब है। जींद रोड पर भी जगह-जगह सफेद पट्टी गायब हो गई है।
सड़कों पर सफेद पट्टी, साइन बोर्ड, गति अवरोधक और चमकदार पट्टी लगाने का सर्वे कराने और बजट स्वीकृति आदि की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। हमारी प्राथमिकता है कि धुंध छाने से पहले यह कार्य पूर्ण करा दिए जाएंगे।
-उदयवीर झांझरिया, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी।