फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: डिप्टी सीएमओ ने संभाली ओपीडी, चिकित्सा अधीक्षक ने देखी व्यवस्था

विज्ञापन
26सीटीके14...नागरिक अस्पताल में अपनी बारी के इंतजार में बैठे मरीज। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। एचसीएमएस (हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस) एसोसिएशन के 90 प्रतिशत से ज्यादा सदस्य दूसरे दिन शुक्रवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे। इनके साथ एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) के सदस्य भी हड़ताल से जुड़ गए। इसके कारण एंबुलेंस, टीकाकरण, शिविर सेवा प्रभावित रहीं।
विज्ञापन

एचसीएमएस एसोसिएशन के हड़ताल के चलते जिला नागरिक अस्पताल में डिप्टी सीएमओ ने अपनी सहभागिता दी। इंटर्न चिकित्सकों ने पूरा सहयोग किया। आवश्यक सेवाएं, एक्सरे, आपातकालीन सेवा सुचारु रहीं। सीएमओ के निर्देश पर चिकित्सा अधीक्षक ने ओपीडी की व्यवस्थाएं देखी।

जिलेभर में पांच हजार से ज्यादा मरीज आते हैं इलाज करवाने
जिला अस्पताल समेत दो उपमंडल जिला अस्पताल, 6 सीएचसी और 17 पीएचसी में रोजाना करीब 5600 मरीज जांच के लिए आते हैं। शुक्रवार को इनकी संख्या 4000 से भी कम रही। सामान्यत: सप्ताह के अंत में मरीजों की संख्या कम होने लगती है। पीजीआई में शुक्रवार को करीब 4500 की ओपीडी लगी।
विज्ञापन


एनएचएम 300 कर्मचारी रहे हड़ताल पर
एनएचएम के 300 सदस्य हड़ताल पर रहे। इसके कारण एंबुलेंस सेवाएं, टीकाकरण, शिविर बाधित रहीं। एनएचएम प्रधान डॉ. अश्वनी ने बताया कि एनएचएम कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। पक्का करने के साथ ईएल, चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृत्ति पर ग्रेजुएटी व नौकरी की सुरक्षा की जाए।

पीजीआई का सहारा
नागरिक अस्पताल में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेस एसोसिएशन के सदस्यों के हड़ताल पर होने के कारण कई मरीज पीजीआई का रुख कर रहे हैं। हड़ताल के बावजूद मरीजों को इलाज के लिए सबसे बड़ा सहारा पीजीआई बन रहा है। इसके कारण मरीजों को राहत है। पोस्टमार्टम के लिए शुक्रवार को भी पीजीआई का ही सहारा रहा। रोजाना पांच से आठ शव जिले से पोस्टमार्टम के लिए यहां आते हैं, जिसे अब पीजीआई भेजा जा रहा है।

वर्जन
सभी आवश्यक सेवाएं बाधित न हो इसके लिए पर्याप्त चिकित्सकों की व्यवस्था की गई है। स्वयं डिप्टी सीएमओ ने नागरिक अस्पताल में ओपीडी की व्यवस्था संभाली है। इसके साथ स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में भी ऑपरेशन सुचारु चले। मरीजों की ओर से इलाज में न मिलने की कोई शिकायत नहीं मिली है।
विज्ञापन

-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें