रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) का जेनेटिक्स विभाग युवाओं को शोध के क्षेत्र में उज्ज्वल कॅरिअर बनाने का अवसर प्रदान कर रहा है। विभाग की ओर से संचालित एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जेनेटिक्स काउंसिलिंग कोर्स न केवल शैक्षणिक रूप से समृद्ध है, बल्कि इसमें रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं।
कोर्स पूरा करने के बाद छात्र विभिन्न अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब, रिसर्च संस्थानों, आईवीएफ क्लीनिक्स और कॉर्पोरेट हेल्थ सेक्टर में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार 26 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
डीन, फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज और कोर्स को-ऑर्डिनेटर प्रोफेसर मीनाक्षी वशिष्ठ ने बताया कि जेनेटिक्स काउंसिलिंग वर्तमान स्वास्थ्य सेवा का एक तेजी से विकसित होता व महत्वपूर्ण आयाम है, जो वंशानुगत बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को वैज्ञानिक एवं भावनात्मक मार्गदर्शन प्रदान करता है।
यह पाठ्यक्रम छात्रों को आनुवंशिक विकारों की गहन समझ के साथ-साथ जेनेटिक परीक्षण, रोग मूल्यांकन और प्रभावी काउंसिलिंग के व्यावसायिक कौशल से लैस करता है। मेडिकल, बायोटेक्नोलॉजी, नर्सिंग या बायोलॉजिकल साइंसेज की पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए यह कोर्स विशेष रूप से उपयोगी है। जेनेटिक काउंसलरों की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर कैंसर, नवजात विकारों और प्रजनन संबंधी समस्याओं के क्षेत्रों में।