पूरा प्रदेश में डेंगू बेकाबू हो रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इंतजाम करने की बजाए आंकडे़ सुधारने में लगा है।
स्वास्थ्य विभाग जिले में अभी तक मात्र 18 लोगों को ही डेंगू होने की पुष्टि कर रहा है।
वहीं सिविल सर्जन कार्यालय से चंद कदम दूरी पर स्थित पीजीआई के रिकॉर्ड में यह आंकड़ा 200 से अधिक है। बता दें कि विभाग के लिए पीजीआई की जांच को झुठलाना भी आसान नहीं होगा, क्योंकि यहां जांच के लिए प्रयोग हो रही किट मान्य है।
पीजीआई के आपात विभाग के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो रोजाना 150 से 200 डेंगू संभावित मरीज यहां पहुंच रहे हैं। पिछले दो दिनों से रोजाना 40 से 45 मरीज डेंगू पॉजीटिव भी मिल रहे हैं।
यदि जिले के निजी अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों की बात करें तो यह संख्या हजारों में पहुंच जाएगा। कहने को महकमे ने निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर दिया है कि बताएं आपके यहां डेंगू के कितने संदिग्ध मरीज हैं। हालांकि यह अलग बात है कि आज तक किसी भी निजी अस्पताल ने ऐसी कोई रिपोर्ट विभाग को नहीं भेजी है।
बोली प्रवक्ता
पीजीआई में सोमवार तक 196 डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इसके लिए लगातार संभावित मरीजों की जांच की जा रही है। हमारे पास जांच करने और उपचार के लिए पर्याप्त व्यवस्था है।
- सीमा दहिया, प्रवक्ता, पीजीआई, रोहतक।
बोले अधिकारी
अभी तक जिले में डेंगू के 18 मरीजों की पुष्टि हुई है और किसी की मौत की सूचना नहीं है।
- डॉ. शिवकुमार, सिविल सर्जन, रोहतक।