सीएम मनोहर लाल खट्टर के गांव बनियानी के छेड़छाड़ बवाल में आखिरकार सुलह हो गई।
पिछले कई दिनों ने जिला और पुलिस प्रशासन के लिए गले की हड्डी बना हुआ था।
लगातार कई प्रयासों के बाद डीसी डी. के. बेहेरा दोनों पक्षों को साथ लाने में कामयाब हो गए और सुलह करा दी गई। हालांकि सुलह के लिए हुई मीटिंग में मौजूद कुछ संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सुलह दबाव में करवाई गई है।
हालांकि दोनों पक्षों के अलावा डीसी और एसपी ने साफ तौर पर कहा कि किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया। सुलह के साथ ही गांव की ही एक शांति समिति का गठन करने पर भी सहमति बनी है।
ग्रामीणों ने स्कूल में सीसीटीवी लगवाने की मांग रखी, जिसे प्रशासन ने मान लिया।
बनियानी गांव में 10 सितंबर को स्कूल में छेड़छाड़ मामले को सुलझाने के लिए हुई पंचायत में दलित और ठाकुर समाज के बीच जमकर मारपीट हुई। जिसमें कई महिला पुरुष घायल हो गए थे।
एक पक्ष के युवक पर दूसरे पक्ष की लड़की से छेड़छाड़ को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में मारपीट होने के बाद मामला बढ़ता चला गया।
पहले ठाकुर पक्ष की ओर से दलित नाबालिग पर छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया गया था। पंचायत में हंगामे के बाद दलित पक्ष की ओर से ठाकुर पक्ष पर छेड़छाड़, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट का केस दर्ज करवाया गया। गांव में पुलिस की मौजूदगी और दहशत का माहौल जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का गांव होने के कारण भी प्रशासन की नींद उड़ी हुई थी। सोमवार को ठाकुर पक्ष के तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को तीन घंटे चली वार्ता में सुलह हो गई।