रोहतक। सुनो नहरों की पुकार मिशन टीम ने जिला उपायुक्त सचिन गुप्ता को ज्ञापन देकर नहर में प्रतिमाएं विसर्जित न करने देने की मांग की है। उन्होंने भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं नहरों में प्रवाहित न करने देने और इसके लिए कोई अच्छी वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की है ताकि हमारी आस्था विधिपूर्वक पूर्ण हो जाए और पेयजल भी प्रदूषण मुक्त रहे।
सुनो नहरों की पुकार मिशन के संस्थापक मुख्य संरक्षक डॉ. जसमेर सिंह व संरक्षक दीपक छारा ने बताया कि हमारे जिले में पेयजल का सबसे बड़ा स्रोत नहरें हैं। इनका पानी हम सभी के घरों में पेयजल के लिए सप्लाई किया जाता है। अब भगवान श्री गणेश का उत्सव चल रहा है जिसमें जिला, ब्लॉक व गांव स्तर पर बड़ी मात्रा में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं को पूजा के बाद नहरों में प्रवाहित किया जाएगा।
इन बड़ी-बड़ी प्रतिमाओं का बहुत ज्यादा शृंगार किया जाता है। इसमें पेंट,प्लास्टिक, शीशे, कपड़े, गुलाल, केमिकल व अन्य प्रकार के हानिकारक पदार्थ भी लगाए जाते हैं। इससे जलीय जीव, जंतुओं, जानवरों, प्रकृति, मानव के लिए भी कई प्रकार के दुष्प्रभाव सामने आएंगे।
मिशन के महासचिव मुकेश नैनकवाल ने बताया कि हमारे मिशन ने इसके अलावा रोहतक, पानीपत, करनाल , सोनीपत व झज्जर के उपायुक्त को भी ईमेल के जरिए ज्ञापन भेजा है। इसमें भगवान गणेश की मूर्तियां विसर्जन करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने और नहरों व नदियों के जल को इस प्रकार के प्रदूषण से मुक्त रखने की अपील की गई है। इस दौरान में सह सचिव अजय सिंह हुड्डा, सिंचाई विभाग से कार्यकारी अभियंता रामनिवास सिंह, वरिष्ठ सदस्य डॉ. रवींद्र नांदल, ईश्वर सिंह दलाल, रणबीर मलिक, जतिन मलिक व कमल अत्री, डॉ. संतलाल बुधवार, निर्मल पन्नू व गौरव मलिक मौजूद रहे।