संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। हरिद्वार जाने के लिए रोहतक वासियों के पास एक ट्रेन है। इसमें आरक्षित श्रेणी की सीटें फुल होने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। श्रावण मास में दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। सप्ताह में तीन दिन चलने वाली ट्रेन में अभी 24 जून तक वेटिंग हैं।
रोहतक से होकर गुजरने वाली बीकानेर-हरिद्वार ट्रेन बीकानेर की ओर से आती है। प्रारंभिक स्टेशन से ही सीटें लगभग भर जाती हैं जबकि स्टेशन तक पहुंचते-पहुंचते जनरल डिब्बे भी भर जाते हैं। यह ट्रेन सुबह सात बजे जाती लेकिन इसके बाद दिन में कोई ट्रेन नहीं है। बीकानेर से चलने के बाद हिसार, भिवानी, रोहतक मार्ग पर यात्रियों की भारी भीड़ होती है। रोहतक स्टेशन पर आरक्षित कोच में एक भी सीट खाली नहीं मिलती।
गांधी कैंप निवासी अशोक कुमार का कहना है कि गर्मी और त्योहारी सीजन में स्थिति बदतर हो जाती है। कई बार परिवार सहित यात्रा करने वाले लोग सीट न मिलने के कारण प्लान रद्द कर देते हैं। छात्र और बुजुर्ग जनरल कोच में सफर करने को मजबूर हैं। शमशेर का कहना है कि रेलवे को हरिद्वार के लिए रोहतक से एक और ट्रेन का संचालन करना चाहिए।
मौजूदा ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएं। हालांकि अभी 10 जून से इस ट्रेन में एक बोगी ही बढ़ाई गई है। हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन सुविधा सीमित है।
वर्जन
अभी रोहतक से बीकानेर-हरिद्वार-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। ग्रीष्मकालीन अवकाश और श्रावण मास में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। यात्री दिल्ली से भी यात्रा करते हैं।- बलराम मीना, स्टेशन अधीक्षक।