संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय अब परिसर को ग्रीन और स्मार्ट रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहा है। शुक्रवार को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में विश्वविद्यालय की 60 प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण का निर्णय लिया गया। प्रयोगशालाओं को नई तकनीक और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा।
कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां ने कहा कि भविष्य में होने वाले सभी निर्माण और नवीनीकरण कार्य ऊर्जा कुशल और पर्यावरण अनुकूल मॉडल पर आधारित होंगे। कुलपति ने इंजीनियरिंग सेल को निर्देश दिए कि अनुदान राशि मिलने से पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। बैठक में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान, कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट प्रो. प्रमोद भारद्वाज, वित्त अधिकारी मुकेश भट्ट, गणित विभागाध्यक्ष प्रो. सुमित गिल व रूसा कार्यालय से डॉ. नीरज चौहान उपस्थित रहे।
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विभागों को मिलेगा तकनीकी बढ़ावा
पीएम उषा परियोजना के तहत गणित विभाग में स्थापित होने वाली प्रयोगशाला के लिए 25 उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर और आवश्यक सॉफ्टवेयर खरीदने को मंजूरी दी गई। वहीं भूगोल विभाग के लिए ड्रोन और उससे संबंधित आधुनिक सॉफ्टवेयर की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीकों पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सकेगा।
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छात्राओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
कन्या छात्रावास में निर्माणाधीन कॉमन रूम को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए आईटी उपकरण खरीदने का भी प्रस्ताव पारित किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे छात्राओं को अध्ययन, संवाद और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।