माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। कोर्ट परिसर के बाहर छह साल पहले नौ ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए दिल्ली के बवाना निवासी राकेश को अदालत ने चार साल कठोर कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, सीआईए प्रथम में तैनात एएसआई सुशील को सूचना मिली कि बवाना निवासी राकेश नशीला पदार्थ लेकर कोर्ट परिसर की तरफ आ रहा है। सोनीपत स्टैंड के नजदीक डीएसपी गोरखपाल राणा की मौजूदगी में आरोपी की तलाशी ली तो उसकी जेब से 9 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
आर्य नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी।
दोषी बोला-माता-पिता की देखभाल करने वाला नहीं कोई
सजा पर बहस से पहले दोषी राकेश की तरफ से याचिका दायर की गई कि उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं। परिवार की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। न ही परिवार के पास आय के साधन हैं, इसलिए उसके साथ नरमी बरती आए।
कोर्ट ने कहा-नशे की लत समाज के मूल तत्वों को करती है नष्ट
अदालत ने निर्णय में कहा है कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग सामाजिक बीमारी है। नशे की लत समाज के मूल तत्वों को नष्ट करती है। साथ ही, नशे की तस्करी से अर्जित अवैध धन गैर सामाजिक गतिविधियों में प्रयोग किया जाता है।