संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली का कहना है कि अभय चौटाला कुछ भी बोल देते हैं, यह उनका स्वभाव है, इसलिए जनता उनको गंभीरता से नहीं लेती। इसी वजह से इनेलो कमजोर हुई है।
बड़ौली महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के विधि विभाग में बुधवार को आयोजित एक राष्ट्र-एक चुनाव विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इसके बाद वह मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। अभय चौटाला ने दो दिन पहले रोहतक में कहा था कि वह मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री नहीं मानते।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में अगर किसी को वोट डालना न आए तो इसमें हम क्या करें। चुनाव से पहले तो कांग्रेस अपने सांसदों को वोटिंग की ट्रेनिंग नहीं देती, बाद में क्रॉस वोटिंग के आरोप लगाती है।
बाढ़ राहत पर प्रदेश सरकार की घोषणा पर सवाल उठाने पर कहा कि कांग्रेस को आरोप लगाने से पहले यह देखना चाहिए कि जहां पर उनकी सरकारें हैं, वहां आपदा के दौरान क्या देते हैं। अभय चौटाला के सीएम नायब सैनी को डमी कहने पर बड़ौली ने कहा कि उनको तो खुद ही नहीं पता होता कि वह क्या बोल रहे हैं। इन्हीं बातों के कारण आज वह विधायक भी नहीं हैं।
एक राष्ट्र-एक चुनाव से संसाधनों की बचत होगी
एक राष्ट्र-एक चुनाव पर आयोजित विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य सीताराम व्यास व कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने शिरकत की।
मुख्य अतिथियों ने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव से न केवल लोकतांत्रिक प्रणाली और सशक्त बनेगी बल्कि देश के संसाधनों की बचत करते हुए विकास की गति को भी बढ़ाएगी। कहा कि बार-बार चुनाव से प्रशासनिक व्यवस्था पर बोझ पड़ता है।
इस व्यवस्था के लागू होने से दूर किया जा सकेगा। यह विचार गोष्ठी सन्नी नारा के सौजन्य से आयोजित की गई। संगोष्ठी का मंच संचालन प्रदेश मंत्री एससी मोर्चा के पी. चावरिया ने किया।