डिफेक्टिव जूता बेचना एक दुकानदार पर ही भारी पड़ गया। 350 रुपये में खराब जूता बेचने पर उपभोक्ता फोरम ने उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला पालिका बाजार स्थित जूते की एक दुकान से जुड़ा है। प्रेम नगर में रहने वाले डॉ. सुरेंद्र सिंह ने फरवरी 2013 में 350 रुपये में एक जोड़ी जूते यहां से खरीदे थे।
उस समय दुकानदार ने डॉ. सुरेंद्र को भरोसा दिलाया था कि ये जूते अच्छे हैं और यदि इनमें किसी तरह की कोई कमी पाई जाती है तो वह उन्हें बदल देगा या उसे ठीक करा देगा। डॉ. सुरेंद्र ने घर जाकर जब वो जूते अपने बेटे को पहनाए, तो उन्हें पता लगा कि जूते खराब हैं। इसके बाद उन्होंने दुकानदार से मांग ये जूते बदलने की मांग की।
लेकिन बार-बार कहने के बाद भी उक्त दुकानदार ने डॉ. सुरेंद्र की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। उसने न तो जूतों को ठीक किया और न ही जूते बदले। डॉ. सुरेंद्र ने इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम से की। उपभोक्ता फोरम ने शिकायत की जांच की तो डॉ. सुरेंद्र के आरोपों को सही पाया।
इसके बाद फोरम ने दुकानदार को आदेश दिए कि वे पीड़ित को जूतों की कीमत लौटाने के साथ ही 1000 रुपये जुर्माना भी दे। उपभोक्ता फोरम अदालत ने इसके लिए 2007 के बिमल मैनी बनाम रिलायंस इंफोकॉम लिमिटेड का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी व्यापारी को इस तरह ग्राहक को परेशान करने का हक नहीं है।