रोहतक। चाय तो पी जाते भैया। रोते हुए दीपक की भाभी खुशबू बार-बार यह कह रही थी। मुझे पता होता कि तुम नही लौटोगे तो जाने ही न देती। यह हाल परिवार की दूसरी महिलाओं का था। घर में हुई तीन लोगों की मौत के बाद हर तरफ विलाप और चीत्कार की गूंज थी।
माजरा गांव में सुबह के समय सीवर हादसे में पिता सहित दो बेटे की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। विलाप करते हुए मृतक दीपक की भाभी खुशबू ने कहा कि सीवर जाम हो गया था। इसको सही करने के लिए पापा ने भैया को आवाज लगाई, तो उन्होंने कहा- भाभी आप चाय बनाओ, मैं पापा के साथ सीवर सही करके आता हूं।
जब मैं चाय बनाने लगी तो बाहर से पापा के चिल्लाने की आवाज आने लगी। आवाज सुनकर लक्ष्मण भैया उनको बचाने गए, लेकिन तीनों में कोई भी चाय पीने नहीं आया। काश, मुझे पता होता कि दीपक और लक्ष्मण भैया वापस नहीं आएंगे तो मैं उनको चाय पीए बिना नहीं जाने देती। संवाद
पापा दोनों भाइयों को लेकर कहां चले गए : सोनी
दो दिन पहले फोन पर पापा से बात हुई थी। पापा ने गर्मी की छुट्टी में बच्चों के साथ घर आने के लिए कहा था। गर्मी की छुट्टी होने से पहले ही पापा दोनों भाइयों को लेकर कहां चले गए, यह बात महाबीर की बेटी सोनी अपनी बहन सीमा से रोते हुए कह रही थी।