रोहतक। आईएमटी क्षेत्र के बोहर माजरा में बुधवार सुबह सीवर की जहरीली गैस चढ़ने से दो भाई और पूर्व सूबेदार पिता की सीवर के मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत से तीनों के शव सीवर से बाहर निकाले।
मूलरूप से झज्जर के खरमाण गांव के महाबीर सिंह (66) रोहतक के माजरा गांव में मकान बनाकर रहते थे। बुधवार सुबह करीब सवा 7 बजे जब वे उठे तो शौचालय जाम था। उन्होंने अपने बेटे दीपक (29) को सीवर का ढक्कन खोलकर देखने के लिए कहा।
दीपक ने घर के दरवाजे पर बना सीवर का ढक्कन खोला ताे जहरीली गैस चढ़ने से वह बेहोश होकर मैनहोल में गिर गया। बेटे को सीवर से निकालने के लिए महाबीर ने शोर मचाया तो दूसरा बेटा लक्ष्मण (28) उसे बचाने के लिए मैनहोल में उतरा। नीचे उतरते ही वह भी जहरीली गैस के असर से बेहोश होकर गिर गया।
दोनों बेटों के सीवर में गिरकर बेहोश होने पर महाबीर खुद सीवर में उतरे और वह भी बेहाेश हो गए। तीनों के सीवर में गिरने के बाद महाबीर की पत्नी संतोष ने शोर मचाया। इसके बाद पड़ाेस में रहने वाले युवक पहुंचे। इस दौरान लोगों ने अन्य लोगों को सीवर में उतरने से रोक दिया।
आईएमटी थाना क्षेत्र के माजरा गांव में सीवर की जहरीली गैस चढ़ने से पूर्व सूबेदार और उनके दो बेटों की मौत हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
-वाईवीआर शशी शेखर, एएसपी रोहतक।