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कमरे में अंगीठी जलाकर सो रही मां-बेटी की मौत

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राई (सोनीपत)। गांव कुमासपुर में कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए कमरे अंगीठी जलाकर सोई महिला और एक साल की बेटी की मौत हो गयी। काम से वापस लौटे पति ने जब दोनों को बेसुध पाया तो उन्हें लेकर हॉस्पिटल गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद पहुंची मुरथल थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है महिला के परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जिससे मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा। अंदेशा है कि मौत अंगीठी जलाने के बाद कमरे में बनी गैस से हुई।
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मूलरूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला शिव शंकर फिलहाल कुमासपुर में अपनी पत्नी विभा (26) और एक साल की बेटी दिव्या के साथ किराये के कमरे में रहता है। शिव शंकर ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम करीब चार बजे उसने कमरे में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाई थी। रात करीब आठ बजे उसने पत्नी विभा के साथ खाना खाया। इसके बाद वह काम पर चला गया था। जबकि पत्नी व बेटी दिव्या कमरे में सो गयी। पत्नी ने उसके जाने के बाद कमरा बंद कर लिया था। जब वह वापस कमरे में आया तो पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई थी। कमरे में उल्टी कर रखी थी। साथ ही बच्ची भी बेसुध थी। वह उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा तो चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची मुरथल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में रखवाया। पुलिस महिला के परिजनों का इंतजार कर रही है।
25 दिन पहले रोजगार के लिए आया था शिवशंकर
शिवशंकर ने पुलिस को बताया कि करीब 25 दिन पहले ही वह रोजगार के लिए सोनीपत में आया था। वह कुमासपुर में कमरा किराये पर लेकर रहने लगा था। अंगीठी जलाने से हुए हादसे में उसका परिवार ही उजड़ गया है।
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कमरे में अंगीठी जलाकर सोई महिला और उसकी एक साल की बेटी की मौत हो गयी है। महिला के मायके वालों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
-सुमित कुमार, थाना प्रभारी मुरथल
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कमरे में आग जलाकर न सोएं
कमरे में आग जलाकर न सोएं। इन दिनों में ऐसे बहुत हादसे होते हैं, लेकिन ठंड से बचने को लोग जानकारी के अभाव में अंगीठी या हीटर जलाकर सोते हैं। खिड़की या दरवाजे भी बंद हैं तो जहरीला गैस से दम घुटने के कारण मौत हो जाती है। ऐसी तमाम घटनाएं होने के बाद भी लोग जागरूक नहीं हैं।
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