कोरोना महामारी के समय बिना डर के फील्ड में फर्ज निभा रहे पति पर गर्व : पुष्पा वर्मा
डीसी आरएस वर्मा की पत्नी बोलीं- मुश्किल घड़ी में नकरात्मकता से रहना चाहिए दूर
रोहतक। कोरोना महामारी के समय बिना डर के दिन-रात फील्ड में अपनी ड्यूटी निभा रहे पति पर गर्व है। वे अपने दायित्व का निर्वाह कर लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं। यह कहना है कि डीसी आरएस वर्मा की पत्नी पुष्पा वर्मा का। एक निजी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना वायरस से डरी हुई है, पर उन्हें इसमें कोई भय नहीं महसूस हो रहा कि उनके पति लगातार फील्ड में अपना फर्ज निभा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए, सहनशीलता बनाए रखनी चाहिए।
पुष्पा वर्मा ने कहा कि दो माह से उनके पति देर रात कैंप ऑफिस में काम करते हैं, तो सुबह उठ कर फील्ड में चले जाते हैं। उन्हें जब पता चला कि शेल्टर होम में रहने वाली एक महिला की पीजीआई में डिलिवरी हुई है तो वह तुरंत अस्पताल पहुंची। जच्चा-बच्चा को कपड़े और अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध करवाईं, राशन दिया। वहीं, डीसी आरएस वर्मा ने कहा कि एहतियात बरत कर ही कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है। नियम, कानून लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं, जनता का सहयोग भी मिल रहा है। वह प्रशासन की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वह फील्ड में होते हैं तो अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलता है, काम करने का हौसला बढ़ जाता है।
कोरोना योद्धा : हिसार के मोहब्बतपुर निवासी एवं रोहतक पुलिस के जवान को परिवार से ज्यादा फर्ज से मोहब्बत
दो माह से माता - पिता व बच्चों से दूर रह जवानों का जांच रहे स्वास्थ्य, संक्रमितों की देखभाल में स्टाफ नर्स पत्नी भी जुटी
हिसार की आदमपुर मंडी के नजदीक गांव मोहब्बतपुर के दंपती को परिवार से ज्यादा फर्ज से मोहब्बत है। कोरोना की लड़ाई में रोहतक पुलिस का जवान नरेंद्र जहां एसपी ऑफिस की ओएसआई ब्रांच में होने के बावजूद फील्ड में रहकर पुलिस जवानों के स्वास्थ्य को संभाल रहा है, वहीं, उनकी पत्नी कमलेश पीजीआई में स्टाफ नर्स होने के नाते कोविड वार्ड में मरीजों की देखभाल कर रही है। दो माह से दोनों अपने बच्चों व माता-पिता तक से नहीं मिल पाए हैं।
नरेंद्र ने बताया कि वह हिसार के जिंदल अस्पताल में मेडिकल स्टाफ में कार्यरत था। उसे जीएनएम का कोर्स कर रखा है। 2009 में उसकी शादी राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की कमलेश के साथ हो गई। 2012 में वह हरियाणा पुलिस में सिपाही के तौर पर भर्ती हुए, जबकि पत्नी कमलेश की 2014 में पीजीआईएमएस रोहतक में स्टाफ नर्स की नौकरी लग गई। लंबे समय से उसकी ड्यूटी एसपी ऑफिस की ओएसआई ब्रांच में है, लेकिन कोरोना संकट के चलते उसकी फील्ड में विभाग की हेल्थ टीम के साथ ड्यूटी लगी हुई है। कमलेश की कोविड-9 मरीजों के लिए बनाए गए वार्ड में ड्यूटी पर हैं। एक सप्ताह उनकी ड्यूटी रहती है। जबकि एक सप्ताह के लिए स्टाफ के साथ उनको एमडीयू के हॉस्टल में क्वारंटीन किया जाता है।
वीडियो कॉलिंग से करते हैं बात
नरेंद्र ने बताया कि वीडियो कॉलिंग से ही घर पर माता-पिता व दोनों बेेटों से बात होती है। जबकि पत्नी से सुबह व शाम कॉल करके हालचाल पूछता हूं। वैसे तो उन्होंने सुनारिया पुलिस लाइन में क्वार्टर मिला हुआ है, लेकिन पत्नी कोविड वार्ड में ड्यूटी के चलते क्वार्टर पर भी नहीं आ सकती। नरेंद्र का कहना है कि कोरोना महामारी के समय में परिवार के प्रति जिम्मेदारी है, लेकिन फर्ज पहले है। क्योंकि पुलिस व मेडिकल सेवा में भर्ती के समय इसी बात की शपथ दिलवाई जाती है।
पीजीआईएमएस में कार्यरत स्टाफ नर्स कमलेश- फोटो : RohtakCity
डीसी आरएस वर्मा और उनकी पत्नी पुष्पा वर्मा। - फोटो : RohtakCity