दयानंद मठ की जमीन के कब्जे को लेकर शनिवार को आर्य प्रतिनिधि सभा और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सुमन के परिजनों के बीच विवाद हुआ।
आर्य प्रतिनिधि सभा के पदाधिकारियों का आरोप है कि भाजपा नेत्री के परिजन राजनीतिक ताकत के चलते अवैध रूप से कब्जा जमा रहे हैं। जो जमीन पट्टे पर बताई जा रही है उसके अलावा भी अब मठ के स्टेडियम की जमीन पर मिट्टी के कट्टे रख कर कब्जा कर रहे हैं।
वहीं प्रतिभा सुमन के परिजनों का आरोप है कि प्रतिनिधि सभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जबरन तोड़फोड़ की और मारपीट भी की। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद जांच शुरू कर दी है।
भाजपा नेत्री प्रतिभा सुमन के देवर विक्रम सिंह ने आरोप लगाया कि शनिवार को करीब 11 बजकर 45 मिनट पर आर्य प्रतिनिधि सभा के कार्यकर्ता आए और आचार्य प्रिंटिंग प्रेस के पीछे लगे पोस्टर बैनर फाड़ दिए। विरोध करने पर उसके भतीजे और प्रतिभा सुमन के बेटे आशीष के साथ मारपीट कर दी। विक्रम का आरोप है कि बीच बचाव करने पर उसके और उसकी पत्नी बबीता के साथ ही धक्का मुक्की की गई। इधर आर्य प्रतिनिधि सभा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का कहना है कि ये लोग रेता, बजरी मिट्टी के कट्टे और झंडे बैनर लगाकर स्टेडियम की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। कब्जे के विरोध में कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की।
दोनों पक्षों के बीच हुई धक्का मुक्की, छीना छपटी
कब्जे का विरोध करने गए कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और पोस्टर बैनर आदि फाड़ दिए। इसके विरोध में आए भाजपा नेत्री केपरिजनों और कार्यकर्ताओं केबीच विवाद भी हुआ। यह सारी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सूचना पर पहले सुखपुरा चौकी इंचार्ज, सलारा मोहल्ला चौकी और फिर सब्जी मंडी थाना एसएचओ भी पहुंची।
यह कहना है प्रतिनिधि सभा का
आर्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री मास्टर रामपाल आर्य का कहना है कि आचार्य प्रिंटिंग प्रेस केलिए जमीन 1977 में पट्टे पर ली गई थी। यह पट्टा महज नौ वर्ष के लिए था जो 1986 में खत्म हो गया था। लेकिन इसके बाद ये लोग 500 रुपये किराए की रसीद पर पट्टा चलाते रहे। जब इन्हें हटने केलिए कहा गया तो किराया 22 हजार रुपये प्रतिमाह देने की बात की। वह भी सिर्फ दो माह दिया और बाद में बंद कर दिया। पूरी जमीन आर्य प्रतिनिधि सभा की है और खाली कराई जाएगी।
यह कहना है भाजपा नेत्री के परिजनों का
प्रतिभा सुमन के देवर विक्रम का कहना है कि तीन अलग-अलग पट्टे 1966 में लिए गए थे। यह करार दयानंद मठ की कार्यकारिणी से किया गया था। आर्य प्रतिनिधि सभा का इससे कोई लेना देना नहीं है। आए दिन यह लोग हंगामा करते रहते हैं। घर में घुसने की कोशिश करते हैं। किराया कभी दयानंद मठ कार्यकारिणी को देते हैं और कभी ये लोग ले जाते हैं।
जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
पुराना सब्जी मंडी थाना एसएचओ मनीषा का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुन ली गई है। सीसीटीवी फुटेज को भी देखा गया है। दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। जांच के बाद शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।