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जिस गांव में दो-दो खिलाड़ी अर्जुन अवॉर्डी, वहां का स्टेडियम बदहाल

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फरमाणा गांव में बने स्टेडियम की बदहाल सीढ़िया।
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महम। क्षेत्र के गांव फरमाना के स्टेडियम के हालात विभाग की अनदेखी के कारण खस्ताहाल है, जबकि इस गांव के दो खिलाड़ी अर्जुन अवॉर्डी हैं। इन्हीं खिलाड़ियों के आह्वान पर गांव में करोड़ों की लागत से खेल स्टेडियम का निर्माण करवाया गया था। खेल विभाग की अनदेखी के कारण स्टेडियम बदहाल हो चुका है।
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अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित अमीर सिंह और नीलम जय सिंह ने भी स्टेडियम की बदहाली पर चिंता जताई है। उल्लेखनीय है कि अमीर सिंह भारतीय वालीबाल टीम के 1999 में कप्तान रह चुके हैं। सन 2000 में उन्हें भीम अवॉर्ड और सन 2001 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं डिस्कस थ्रो में नीलम जय सिंह को भी अर्जुन अवार्ड मिल चुका है। दोनों खिलाड़ियों का सपना था कि गांव में खेल स्टेडियम बने। स्टेडियम में एक कोच की व्यवस्था हो, ताकि अधिक से अधिक बच्चे उनकी तरह गांव का नाम रोशन कर सकें। उनके प्रयास और गांव के सहयोग से स्टेडियम तो बना, लेकिन उसमें न कोई कोच की सुविधा है न मैदान और बिजली की व्यवस्था है। गांव के सरपंच प्रतिनिधि जयसिंह ने बताया कि खेल विभाग को कई बार स्टेडियम की दशा के बारे अवगत करा चुके है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने बताया कि खेल विभाग स्टेडियम में सुधार कर कोच की व्यवस्था करें।
कई बार खिलाड़ियों ने अपने पैसे से कराया स्टेडियम में काम
फरमाना बादशाह पुर के सरपंच प्रतिनिधि जयसिंह ने बताया कि गांव के सैकड़ों बच्चे सेना में भर्ती होने के लिए स्टेडियम में बिना ट्रैक बने ही दौड़ लगाते थे। कई बार उन्होंने अपने पैसों से ट्रैक पर मिट्टी डलवाई है तथा कई बार दौड़ करने वाले खिलाड़ियों ने अपनी जेब खर्ची से पैसे बचाकर मिट्टी डलवाते रहे हैं, जिससे यह ट्रैक बचा हुआ है। ट्रैक के अलावा खो खो का मैदान खराब हालात में है। स्टेडियम का भवन भी जर्जर हो चुका है, चहारदीवारी भी टूट रही है।
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स्टेडियम में सुधार और कोच के लिए खेल मंत्री को लिखेंगे पत्र : अमीर सिंह
भीम और अर्जुन अवॉर्डी अमीर सिंह ने बताया कि गांव में अधिकतर गरीब परिवार निवास करते हैं। उनके बच्चों में प्रतिभा है, लेकिन गरीबी के कारण उनके बच्चे सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। स्टेडियम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद उसे बेकार समझ लेना विभाग की लापरवाही है। स्टेडियम में कोच और उसकी स्थिति सुधारने के लिए खेल मंत्री संदीप सिंह को पत्र लिखेंगे। क्योंकि वह खुद खिलाड़ी रहे हैं, वेह इसे बखूबी समझेंगे।
स्टेडियम की जमीन है पवित्र-खिलाड़ी
स्टेडियम में कई खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। यहां तैयारी कर कई खिलाड़ी खेल कोटे से सरकारी नौकरी भी पा चुके हैं। वर्तमान में अभ्यास कर रहे रवींद्र, बजरंग, मनोज, साहिल, विकास, अजय, संजय और विनय ने बताया कि वे इस स्थान को पवित्र मानते हैं। खिलाड़ियों की मांग है कि खेल विभाग को स्टेडियम ठीक कराकर कोच की व्यवस्था कराए।
जल्द होगा स्टेडियम का कायाकल्प : डीएसओ
जिला खेल अधिकारी सुखबीर सिंह ने कहा कि स्टेडियम का एस्टिमेट बनाकर विभाग के उच्चाधिकारियों के पास भेजा जा चुका है। जल्द ही स्टेडियम को तैयार कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के तैयार हो जाने के बाद यदि ग्राम पंचायत कोच के लिए प्रस्ताव पास करके कार्यालय में भेजती हैं, तो वे इस प्रस्ताव को मंजूर करवाने के लिए पुरजोर प्रयास करेंगे।
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