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दबंगई : बुजुर्ग के शव को अंतिम संस्कार से रोका, 18 घंटे बाद पुलिस ने करवाया

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महम के मोखरा गांव में 95 वर्षीय बुजुर्ग के शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। कुछ लोगों के विरोध के चलते बुजुर्ग के शव का 18 घंटे बाद सोमवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हो सका। बहुअकबरपुर थाने में 13 लोगों के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी देने व एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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पुलिस के मुताबिक, मोखरा गांव निवासी सतबीर ने शिकायत दी है कि रविवार को शाम 4 बजे उनके पिता 95 वर्षीय रत्न सिंह का देहांत हो गया था। जब वे श्मशान घाट में जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे तो गांव निवासी जोगेंद्र उर्फ बिल्लू, सुरेंद्र नंबरदार, भगत, जगत, राहुल, विशाल, अजित, मंजीत, अजय, दीपक, संदीप व अंकित ने लकड़ी डालने से रोक दिया। वे घर वापस आए और गांव वालों को सूचित किया। रविवार सुबह आठ बजे एससी समाज के लोग एकत्रित हुए और पुलिस को सूचना दी। करीब 10 बजे बहुअकबरपुर थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में जब वे शव लेकर श्मशान घाट पहुंचे तो आरोपियों ने गाली-गलौज की। साथ ही हाथापाई की गई और जान से मारने की धमकी दी। दाह संस्कार में ज्यादा आदमी होने के कारण बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार हो सका।
मृतक के बेटों के बयान पर मामला दर्ज
पीड़ित परिवार का कहना है कि पहले भी शमशान भूमि में करीब 30-40 शवों का संस्कार हो चुका है। जानबूझ कर उन्हें अंतिम संस्कार करने से रोका गया और सतबीर, प्रवीन, रिंकू, सतीश, सोमबीर, तेजपाल, आत्माराम के साथ झगड़ा किया गया। पुलिस ने मृतक बुजुर्ग रत्नसिंह के बेटे सतबीर, तेजपाल व आत्माराम के बयान पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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वर्जन
मोखरा गांव में सूचना पाकर पुलिस की दो गाड़ियां पहुंचीं। ग्रामीणों को समझा-बुझाकर अंतिम संस्कार करवाया गया। सोमवार शाम को मिली शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। गांव में माहौल शांतिपूर्ण है।
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- एसआई सत्यवान, थाना प्रभारी बहुअकबरपुर
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