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सीटी स्कैन ने दिया जवाब, पीजीआई से न रखें आस

Fri, 24 Jul 2015 02:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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देश में टॉप टेन की श्रेणी में आने का ख्वाब देख रहे पीजीआई का दम रेडियोलॉजी विभाग की एक्सपायर मशीनें निकाल रही हैं।
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पहले अल्ट्रासाउंड की मशीनें खराब हुईं और अब सीटी स्कैन मशीन भी जवाब दे गई है।

पीजीआई में अगले 15 दिनों तक सीटी स्कैन नहीं हो पाएंगे। क्षमता से अधिक कार्य तो इन मशीनों से पहले ही लिया जा रहा है। इसके बाद समय पर इनकी रिपेयरिंग व पुर्जे उपलब्ध न होना भी विभाग को दयनीय स्थिति में ले जा रहा है।


पीजीआई में प्रतिदिन 400 अल्ट्रासाउंड और करीब 120 सीटी स्कैन जांच की जाती है। इसके बावजूद इन मशीनों के लिए न तो अतिरिक्त बजट है और न ही समय पर इनके खराब पुर्जों की खरीद हो पाती है। आर्डर के बावजूद कई-कई दिन कार्रवाई फाइलों में धूल फांक रही होती है। पांच में से महज दो अल्ट्रासाउंड मशीन ही इस समय चालू हालत में हैं। एक मशीन की स्क्रीन खराब होने के चलते कंप्यूटर स्क्रीन लगाकर काम चलाया जा रहा है। इसकी स्क्रीन करीब चार लाख रुपये की आती है। विशेषज्ञों की मानें तो इसमें सही जांच भी नहीं हो पाती, लेकिन भीड़ से बचने के लिए काम चलाया जा रहा है। वहीं, बुधवार सुबह सीटी स्कैन का एसी जवाब दे गया, किसी तरह उसे चलाया गया तो सायं होते-होते सीटी मशीन की एक्सरे ट्यूब उड़ गई। करीब 42 हजार रुपये की जर्मनी से आने वाली ट्यूब के लिए विभाग ने 20 जून को ही डिमांड भेज दी थी, जिसे 7 जुलाई को मंजूर भी कर लिया गया था। लेकिन संबंधित कंपनी को पेमेंट न होने के चलते पुर्जे का अभी अता-पता भी नहीं है। विभाग का दावा है कि एक ट्यूब की वारंटी डेढ़ लाख जांच करने की होती है। उनके पास दो ट्यूब थी जोकि नौ-नौ लाख बार कार्य कर चुकी हैं। वर्ष 2001 में आई मशीन ओवरलोड के चलते अकसर खराब ही रहती है, कंपनी के हिसाब से यह मशीन अपनी समय सीमा पूरा कर चुकी है।
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निजी जांच केंद्रों से इस बार दूरी
हर बार पीजीआई में सीटी स्कैन मशीन खराब होने के चलते मरीजों को शहर के एक निजी जांच केंद्र पर रेफर कर दिया जाता था। यहां से संस्थान का पहले रेट फाइनल हो जाता था। इससे कम कीमत पर मरीजों की जांच हो जाती थी, लेकिन अब मरीजों को बाजार की कीमत पर ही जांच करानी होगी। संस्थान से कंपनी को सीटी स्कैन ट्यूब की कीमत अदा करने के बाद भी इसे आने में कम से कम 15 दिन लगना तय है।
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बोले विभागाध्यक्ष : भेज दी डिमांड
सीटी एक्स-रे ट्यूब की खरीद के लिए डिमांड भेज दी गई है। जल्द ही यह पुर्जा आ जाएगा और जांच शुरू हो जाएगी। अल्ट्रासाउंड की एक मशीन की स्क्रीन खराब हो गई है, मरीजों की भीड़ को देखते हुए उसकी जगह कंप्यूटर की स्क्रीन लगाकर काम चलाया जा रहा है। हम प्रयास कर रहे हैं कि मरीजों को परेशानी न हो।
- डॉ. रोहताश यादव, रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष, पीजीआई।
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