रोहतक। त्योहार शुरू होते ही बस स्टैंड पर रोडवेज के दावे नाकाम दिखे। स्टैंड पर सामान्य दिनों की अपेक्षा तीन गुना यात्रियों की संख्या देखने को मिली। बसों के लिए 30 मिनट से लेकर एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। यही नहीं, यात्रियों को बसों के लिए धूप में खड़ा होना पड़ा। जब भी यात्रियों को बसें दिखतीं, तभी दौड़ लगाते। हालांकि, बस स्टैंड पर प्रभावित मार्गों के लिए उद्घोषणा लगातार होती रही है।
रोडवेज प्रशासन ने दिवाली पर बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाकर यात्रियों के लिए सुविधा मुहैया करवाने के दावे किए थे लेकिन धनतेरस के दिन शनिवार को यात्रियों की परेशानी कम न हो सकी। यात्रियों की भीड़ का निजी बस संचालकों ने इसका फायदा उठाया। उन्होंने जमकर चांदी कूटी।
दोपहर 12:28 बजे सोनीपत बूथ पर लगी बस के परिचालक ने यात्रियों को सरकारी पास न चलने की भी बात कही। पास वाले यात्री यह सुनकर बस से उतर गए। वहीं, सिरसा मार्ग के लिए बसों का संचालन ज्यादा प्रभावित रहा। दोपहर 12:31 बजे कोसली, निंदाना, खरैंटी, जुलाना, जींद, सोनीपत, गुरुग्राम व सिरसा मार्ग पर बसें दिखाई नहीं दीं।
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रोडवेज बसों को समय अनुसार चलाया जा रहा है। त्योहार पर जाम होने की स्थिति में कुछ बसें स्टैंड पर देरी से पहुंचती हैं। रोडवेज की बसें अतिरिक्त रूप से फेरे लगा रही हैं। बस स्टैंड पर स्थिति सामान्य है। इंचार्ज स्टैंड से बसों को बूथ से लगवाकर रवाना कर रहे हैं।
- हंसराज, संस्थान प्रबंधक, रोडवेज
सुपवा में पढ़ाई करता हूं। त्योहार पर घर जा रहा हूं। संगरूर के लिए सीधी बस नहीं है, इसलिए जींद पहुंचकर बस बदलता हूं। काफी समय से ही जींद मार्ग पर बसों का संचालन बेहद खराब है।
- प्रविंद्र, यात्री
शहर में निजी काम के लिए आया था। कैथल जाना है लेकिन करीब 45 मिनट से कोई रोडवेज बस नहीं मिली। इस मार्ग के लिए ही नहीं बल्कि अन्य मार्गों पर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।
- सावन, यात्री
02...रोहतक बस स्टैंड के बूथों पर बस न होने से इंतजार करते यात्री। संवाद- फोटो : samvad