रोहतक। किलोई में जिस समय बदमाश मनजीत पर ताबड़तोड़ गोलियां चला रहे थे, उस समय अन्य बराती डीजे पर नाच रहे थे। गोलियों की आवाज सुनकर लोगों ने सोचा हर्ष फायरिंग की जा रही है। हत्या करने के बाद दो बदमाश लगातार हवाई फायरिंग करते जा रहे थे तो अन्य लोगों को लगा कि यह दूल्हे के दोस्त होंगे और हर्ष फायरिंग कर रहे हैं। जब तक लोगाें को हत्या का पता चला तब तक बदमाश काली स्काॅर्पियो में सवार होकर फरार हो चुके थे। तीनों बदमाश 18 से 20 साल की उम्र के थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैंक्वेट हॉल में मुख्य गेट से प्रवेश करने के बाद मैदान था। अंदर जाकर एक हॉल में खाने की व्यवस्था थी। इसी हॉल में दोस्त मनदीप के साथ मनजीत टेबल पर खाने के लिए बैठा था। इसी दौरान बदमाशों ने नजदीक जाकर मनजीत की फायरिंग कर हत्या कर दी। कई फायर बदमाशों ने जमीन पर दागे तो कई राउंड हवा में दागे। बदमाशों ने करीब 15 से 20 राउंड फायरिंग की।
गोली चलती रही और लोग रास्ता देते रहे
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए बैंक्वेट हॉल से बाहर निकल रहे थे। वह फायरिंग करते रहे और बराती उन्हें रास्ता देते रहे। इससे बदमाशों के सामने कोई बाधा नहीं आई और वह बड़ी आसानी से फरार हो गए।
4 किमी के सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर पुलिस को मिले सबूत
किलोई स्थित भूमि गार्डन के बैंक्वेट हॉल में मनजीत हत्याकांड को अंजाम देने वाले बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने करीब चार किमी तक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। भूमि गार्डन और वहां से भालोठ तक रास्ते में लगे सभी कैमरों की जांच की गई। रास्ते के सीसीटीवी कैमरों में ब्लैक स्काॅर्पियो कैद हुई है। बैंक्वेट हॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों से हत्यारोपियों की फोटो मिली है।
पुलिस ने संदिग्धों की कराई शिनाख्त
घटना के बाद पुलिस को सीसीटीवी कैमरों में बदमाशों की कुछ फुटेज मिली थी। पुलिस ने परिजन और बरातियों को दिखाया। हालांकि किसी भी व्यक्ति ने आरोपियों को नहीं पहचाना है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्यारोपी काबू में होंगे।
मनजीत के सिर-सीने में लगी सात गाेलियां
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मनजीत के सिर और गर्दन में पांच गोली लगी, जबकि एक गोली सीने और एक बाएं हाथ में लगी थी। पहली ही गोली लगते ही मनजीत गिर गया था, फिर भी बदमाशों ने एक के बाद एक सात गोली दागी। सीने में लगी गोली ने कई अंगों को क्षति पहुंचाई थी। जिस तरह बदमाशों ने गोली मारी थी, उससे साफ है कि वह शूटर रहे होंगे। उनको पता था कि मनजीत की हत्या के लिए सिर और सीने में गोली लगनी जरूरी है।
मनजीत पहलवान उर्फ 6.3 को सात गोलियां
डीघल गांव में मनजीत को दानवीर और पहलवान व 6.3 के नाम से जाना जाता था। उसकी लंबाई 6 फीट 3 इंच थी। इसलिए उसे 6.3 के नाम से जानते थे। मनजीत ने शुरूआती दौर में पहलवानी भी की थी। बाद में वह दिल्ली पुलिस में बतौर हवलदार के पद पर भर्ती हुआ था। किसी विवाद के कारण उसका मामला अदालत में चल रहा है। इस दौरान उसने फाइनेंस का काम शुरू कर दिया था। उसके पिता रामफल कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। सरकार ने उन्हें पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिया था। उसे मनजीत के चाचा चला रहे थे। दूसरा पंप भी चालू कर दिया था। मनजीत का भाई मुकेश भी फौज में है।