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Rohtak: MDU में फायरिंग का मामला, हिमाचल से चंडीगढ़ पहुंचे अमित व दीपक को CIA ने किया गिरफ्तार

Tue, 20 Sep 2022 09:12 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

तीन सितंबर को विवि के अंदर फायरिंग हुई थी जिसमें चार युवक घायल हुए थे। एमडीयू में पैसे के लेनदेन में गोली मारी थी। आरोपी अमित का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वारदात से पहले जमानत पर बाहर आया था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक में एमडीयू फायरिंग केस में सीआईए प्रथम ने हिमाचल प्रदेश से चंडीगढ़ आए आरोपी बलियाना निवासी अमित व खेड़ी महम निवासी दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। अमित का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वह वारदात से पहले हत्या की कोशिश केस में जमानत पर बाहर आया था। बुधवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी वारदात के बाद से हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर घूमते रहे। अब वापस आए तो पुलिस ने धर दबोचा। 

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सीआईए प्रथम प्रभारी एसआई अनेश ने बताया कि रिठाल गांव निवासी विजय व खेड़ी महम निवासी दीपक ने मिलकर कोचिंग सेंटर खोला था। पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विजय जहां 6 लाख रुपये लेने की बात कह रहा था, जबकि दीपक ढाई लाख बता रहा था। लेनदेन के विवाद को सुलझाने के लिए 3 सितंबर को एमडीयू के अंदर लाइब्रेरी के नजदीक विजय को कॉल करके बुलाया गया।

विजय का कहना था कि जब वह पहुंचा तो वहां पर एक गाड़ी में बलियाना निवासी अमित उर्फ मोनू, विकास फौजी व दीपक बैठा था। विजय को भी दीपक ने गाड़ी में बैठा लिया। आरोप है कि अमित ने विजय को कहा कि दीपक पैसे नहीं देगा। विजय ने तब अपने परिचित हर्ष को वहां पर बुला लिया। हर्ष के साथ उसके दोस्त कुलदीप व विदित भी आ गए।
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विजय अपने साथियों के साथ बातचीत कर रहा था, अचानक अमित उर्फ मोनू ने गोलियां चला दी। गोली विजय के दोस्त सुशील के हाथ पर व कुलदीप के पैर में लगी। विजय के शोर मचाने पर दीपक व अन्य युवक भागने लगे। तब हर्ष व विदित ने दूसरी कार से पीछा किया। वहां पर फिर दोनों पर गोलियां चला दी। इससे सुशील व कुलदीप के बाद हर्ष व विदित भी घायल हो गए थे। 

पर्यटन स्थलों पर घूमते रहे आरोपी, चंडीगढ़ आते ही दबोचा पुलिस ने 
एमडीयू में हुए गोलीकांड की जांच एसपी ने सीआईए प्रथम को दी। सीआईए ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पता चला कि आरोपी अमित व दीपक हिमाचल के मणिकर्ण, कसौल, कलंगा व कुल्लू में फरारी काट रहे हैं। साथ ही अब चंडीगढ़ आने वाले हैं। सीआईए के एएसआई विनोद दलाल के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। वारदात के अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस आरोपियों को पनाह देने के आरोपी संदीप को काबू कर चुकी है। 

जमानत पर जेल से बाहर आया था अमित, विक्की पंडित का है भाई 
सीआईए इंचार्ज अनेश ने बताया कि आरोपी बलियाना निवासी अमित का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। आरोपी अमित के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, मारपीट, अवैध हथियार रखने के करीब आठ केस दर्ज हैं। वह विक्की पंडित का भाई है, जिसकी फरवरी 2021 में हत्या हो चुकी है। इसके अलावा आरोपी अमित ने अपने ही गांव के सब-इंस्पेक्टर की गोली मारकर यमुनानगर में हत्या की थी।

इस केस में उसे उम्रकैद की सजा हो चुकी है। आरोपी ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है और जमानत पर बाहर है। पुलिस ने उसे हत्या की कोशिश के केस में गिरफ्तार किया था, जो अगस्त माह में जमानत पर बाहर आया था। आरोपी अमित ने गांव व आस-पास के क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने व दहशत फैलाने के लिए एमडीयू में फायरिंग कर जानलेवा हमला किया है।

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