साउथ अफ्रीका क्रिकेट लीग टी-20 मैच पर सट्टा लगाने वाले गिरोह का
भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने सेक्टर 3 में एक मकान में छापामारी कर गिरोह के
10 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से करीब सवा लाख की नकदी समेत
अन्य सामान भी बरामद हुआ है।
अर्बन एस्टेट थाना में डीएसपी अमित भाटिया
ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि शनिवार को सूचना मिली कि सेक्टर 3 के मकान
नंबर 1937 में कुछ लोग साउथ अफ्रीका क्रिकेट लीग टी-20 मैच टाइटन बनाम
कोबरा टीम पर सट्टा लगा रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने सीआईए, अर्बन
एस्टेट थाना पुलिस और गुप्तचर विभाग की संयुक्त टीम ने मकान पर दबिश दी।
दबिश के दौरान मकान के निचले हिस्से में पांच लोग एक कमरे में बैठकर मोबाइल
फोन के माध्यम से क्रिकेट मैच पर सट्टा लगा रहे थे।
पुलिस ने सभी आरोपियों
को काबू कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दूसरे कमरे में बैठे पांच अन्य लोगों
को काबू किया। वह भी मोबाइल पर भिन्न-भिन्न नंबर बोलकर सट्टा लगा रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लाख 30 हजार रुपये, 74 मोबाइल, चार सेटअप
बॉक्स, दो लैपटॉप और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
आरोपियों को 23 नवंबर तक
रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद अन्य लोगों के
नाम भी सामने आ सकते हैं। मोबाइल नंबर को ट्रेस किया जा रहा है, जिससे यह
पता लग सके कि दूसरी लाइन पर कौन-कौन इनके संपर्क में था।
यह है आरोपियों के नाम
पूछताछ
के दौरान आरोपियों ने अपने नाम मनोज निवासी जवाहर नगर हांसी हिसार,
श्यामसुंदर निवासी कासबन मोहल्ला हांसी, मनोज कुमार निवासी तिकोना पार्क
हांसी, गौरव निवासी कीर्ति नगर बैग्गु रोड सिरसा, विनोद निवासी खेरपुर
निवासी सिरसा, विकास निवासी मार्किट कमेटी रोड सांपला, दीपक निवासी हांसी,
विकास निवासी रामनगर कॉलोनी हांसी, सुनील निवासी फिक्का बेर मोहल्ला हांसी,
चेतन निवासी गोपान वाली गली हांसी जिला हिसार बताया।
ऐसे लगाया जाता था सट्टा
पुलिस
के अनुसार आरोपियों के पास से दो सुटकेस भी बरामद हुए हैं। सुटकेट के अंदर
कटिंग लाइन सिस्टम के साथ एक में 19 और दूसरे में 14 मोबाइल फोन अटैच थे।
इन मोबाइल पर कॉल की जाती थी और माइक के माध्यम से बोली लगाकर सट्टा लगाया
जाता था। पकड़े गए आरोपियों में कई इस टेक्नोलॉजी में माहिर थे, जिन्होंने
यह सिस्टम कई दिनों की मेहनत के बाद तैयार किया था।
20 दिन पहले शुरू किया था गोरखधंधा
पुलिस
ने बताया कि आरोपियों ने यह मकान करीब एक साल से किराए पर लिया था।
हालांकि सट्टे का खेल पिछले माह ही शुरू किया गया था। फिलहाल पुलिस मकान
मालिक का भी पता नहीं कर पा रही। मकान मालिक का पता किया जा रहा है। इस
संबंध में मकान मालिक से भी पूछताछ की जाएगी।