रोहतक के गुगाहेड़ी हत्याकांड के नौ दिन बाद भी परिजनों ने मृतक शीशपाल का शव नहीं लिया है। सोमवार सुबह परिजन रोहतक के अंबेडकर चौक पर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। ग्रामीण गांव की पूर्व सरपंच के पति की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। उधर, धरने की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण व परिजन धरना देने पर अड़े रहे। हालांकि बाद में गोल चक्कर के अंदर की बजाए सड़क किनारे फुटपाथ पर टेंट लगाकर परिजन व ग्रामीण बैठ गए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक एक अक्तूबर को गुगाहेड़ी गांव निवासी साहिल ने शिकायत दी थी कि उसकी दादी किशन देवी सुबह करीब 10 बजे रेहड़ी वाले से सब्जी खरीद रही थी। उसी दौरान गांव का युवक कर्मवीर उर्फ बल्लू शराब के नशे में आया और बेवजह गाली-गलौच करने लगा। साहिल के पिता शीशपाल ने इसका विरोध किया और कर्मबीर को समझाया। आरोपी ने धमकी दी कि उसे सूर्यास्त होने से पहले गोली मरवा देगा। शाम चार बजे जब शीशपाल 4 बजे पड़ोसी रामकुमार की बैठक में ताश खेल रहे लोगों के पास बैठा था। तभी कर्मबीर उर्फ बल्लू अपने भांजे व गांव के युवक नसीब के साथ बाइक पर आया।
आते ही आरोपियों ने उसके पिता शीशपाल पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। छह गोलियां लगने से शीशपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पीजीआई में दाखिल कराया गया, जहां उसी रात दम तोड़ दिया था। पुलिस ने आरोपी बल्लू, नसीब व तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर छह दिन के रिमांड पर ले रखा है, लेकिन परिजनों ने एसपी को दी शिकायत में छह और लोगों के नाम लिखवाए हैं। आरोप है कि वे भी वारदात की साजिश में शामिल हैं। खासकर पूर्व सरपंच के पति की भूमिका पर मृतक का परिवार सवाल उठा रहा है। इसके लिए शुक्रवार को परिजन गृहमंत्री अनिल विज से भी मिले थे।