पीजीआई के पूर्व बजट प्लानिंग ऑफिसर सोमनाथ चावला को रिश्वत लेने के मामले में तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत ने वर्ष 2013 में बजट प्लानिंग अफसर रहे सोमनाथ को सोमवार को तीन साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी की ओर से जुर्माने को सजा सुनाए जाने के बाद ही भर दिया गया।
झज्जर के गांव बिसान निवासी हरेंद्र ने तीन सितंबर 2013 को केस दर्ज करवाया था। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह डेल्टा गार्ड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी रोहतक में मैनेजर के पद पर हैं। उनके पास पीजीआई के सफाई कर्मचारी और बैरर का ठेका था। यह ठेका एक जनवरी 2013 से एक वर्ष तक के लिए था। इसके लिए पीजीआई में 65 लाख का बजट आया था। इस बजट को जारी कराने के लिए हरेंद्र ने एक अप्लीकेशन बजट प्लानिंग ऑफिसर सोमनाथ चावला के ऑफिस में भेजी। आरोप है कि सोमनाथ चावला ने बजट जारी कराने के लिए उससे 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी। जब हरेंद्र ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया तो बजट जारी नहीं किया गया। इसके बाद हरेंद्र ने विजिलेंस इंस्पेक्टर को एक शिकायत दी। फिर विजिलेंस ने सोमनाथ चावला को रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर उसका कोर्ट में चालान पेश किया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद सोमनाथ को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।