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स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, गर्भपात करने वाली महिला डॉक्टर गिरफ्तार

Thu, 26 May 2016 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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यहां कराया जाता था गर्भपात - फोटो : amar ujala
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शहर में कई सालों से खुलेआम गर्भपात किया जा रहा था, लेकिन जिला प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं थी। बुधवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा तो मालूम चला कि 500 रुपये एडवांस देकर धड़ल्ले से गर्भपात किया जा रहा है। इस अस्पताल से गर्भपात करने के औजार और एमटीपी किट मिली है। महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अस्पताल कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसे देखकर और इसकी संचालिका की डिग्री से ही लगाया जा सकता है। अस्पताल संचालिका के पास बीएएमएस डिग्री है, जिसे गर्भपात करने की अनुमति ही नहीं होती है।
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स्वास्थ्य विभाग ने अपनी 24 घंटे की कार्रवाई में अवैध रूप से एमटीपी किट बेचने और एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित दवा बिना लाइसेंस रखने एवं बेचने के आरोप में एक महिला चिकित्सक सहित छह पर केस दर्ज किया है। महिला चिकित्सक से गर्भपात करने के औजार और एमटीपी किट मिली है। हिरासत में लिए गए पांच लोगों में तीन को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रतन गिरधर और जितेंद्र कुमार को जमानत मिल गई है, जबकि डॉ. डिंपल को कोर्ट ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दो लोगों को कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं, कलानौर से एमटीपी किट बेचने का एक आरोपी फरार है। दो दिनों में जिन केमिस्ट शॉप से प्रतिबंधित दवाएं मिली हैं उन्हें विभाग ने सील कर दिया है।

डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप ने बताया कि बुधवार सुबह पांच बजे डॉ. शिल्पा, डॉ. मीनाक्षी, ब्लाक कोआर्डिनेटर चिड़ी से आशा, ब्लाक कोआर्डिनेटर महम से नेहा ने छापा मारने की तैयारी की। हिसार बाईपास पर राधा स्वामी मेडिकल इंस्टीट्यूट और अस्पताल पर कार्रवाई के लिए मंगलवार शाम को ही एक युवती को ग्राहक बनाकर भेजा गया था। युवती ने चिकित्सक डॉ. डिंपल से गर्भपात करने का सौदा तय किया था। एडवांस में 500 रुपये डाक्टर को दिया था, बाकी की राशि बाद में देनी तय हुई थी। हालांकि कितनी राशि देनी होगी यह फाइनल नहीं हुई थी। डॉक्टर ने युवती को सुबह साढे़ आठ बजे बुलाया, जैसे-तैसे आग्रह करके इस समय को सवा सात बजे का कराया गया। जब युवती सुबह सात बजे अस्पताल पहुंची है तो डॉक्टर ने गर्भपात के लिए उसे दूसरी जगह ले जाने की बात कही। लेकिन कुछ समय बाद जब वहीं गर्भपात की तैयारी शुरू की तो युवती ने टीम को संदेश भेज दिया। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने महिला चिकित्सक को मौके पर ही धर लिया और अस्पताल की तलाशी शुरू कर दी। जांच में एक विशेष स्ट्रांग रूम की तरह अलमारी मिली, जब उसे खोला गया तो उसमें से एमटीपी किट और गर्भपात की अन्य दवाएं व औजार मिले। इस अलमारी की चाबी देने में डॉ. डिंपल आनाकानी कर रही थी, जब सच सामने आया तो उसका कहना था कि वे पहले यह काम करती थी। जब से सख्ती हुई है ऐसा कोई कार्य नहीं करती। चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि डॉ. डिंपल का खरकड़ा में एएनएम एवं जीएनएम का प्रशिक्षण सेंटर भी है। अधिकारी ने बताया कि छापामारी मंगलवार शाम छह बजे शुरू की गई थी। इसमें शीला बाईपास, बड़ा बाजार, मेडिकल स्टोर, कलानौर में पांच लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। कलानौर की कार्रवाई को बुधवार को भी आगे बढ़ाया गया। कार्रवाई के लिए डीसी की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। कलानौर के मामले में मनोज को भगोड़ा घोषित किया गया है, उसके क्लीनिक को सील कर दिया गया है। जिला ड्रग कंट्रोलर विजय राजे ने बताया कि जब मनोज को पुलिस पकडे़गी तो उसके सामने दुकान की सील खोल कर तलाशी ली जाएगी।
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सरकारी गैर सरकारी 30 अस्पतालों को भेजी है एक्ट की कापी : जाखड़

रोहतक। सिविल सर्जन डॉ. दीपा जाखड़ ने बताया कि जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी 30 अस्पतालों को एमटीपी एक्ट के अनुपालन के लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि इनकी पालना नहीं होगी तो कार्रवाई होना तय है। उन्होंने बताया कि मंगलवार से चलाया गया जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। बताया कि उन्हें सूचना मिल रही थी कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) एक्ट की अवहेलना की जा रही है। इससे लड़कियों की मृत्यु दर में इजाफा होता है। इसे रोकना स्वास्थ्य विभाग का दायित्व है। नियमानुसार गर्भपात करने वालों के लिए फार्म सी, फार्म वन, फार्म टू और फार्म थ्री भरना अनिवार्य होता है। यदि कोई अनाधिकृत तौर पर यह कार्य करता है तो उस पर सेक्शन तीन, चार, पांच, रूल चार एवं पांच एमटीपी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है।
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