हरियाणा के पूर्व मंत्री सुभाष बतरा
- फोटो : फाइल फोटो
स्वामी रामदेव पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में देशद्रोह का केस दर्ज कराने के मामले में बुधवार को एसपी शशांक आनंद और डीएसपी डॉ. रविंद्र के खिलाफ एसीजेएम की कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई। मामले में शिकायतकर्ता कांग्रेस नेता एवं पूर्व गृह राज्यमंत्री सुभाष बतरा के वकील ओपी चुग ने दोनों के खिलाफ याचिका दायर की है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को एक जुलाई को जवाब देने के लिए नोटिस भेजा है। इसी दिन केस दर्ज करने वाले मामले की भी सुनवाई होनी तय की गई है।
वकील ओपी चुग ने बताया कि एसीजेएम हरीश गोयल की कोर्ट में दायर याचिका में लिखा गया है कि कोर्ट ने स्वामी रामदेव पर देशद्रोह का केस दर्ज करने के मामले में एसपी को रिपोर्ट तैयार करके पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन एसपी की जगह डीएसपी रविंद्र ने 23 मई को कोर्ट में रिपोर्ट पेश की, जबकि वह इसके लिए अधिकृत नहीं थे। चुग का कहना है कि इसके बाद एसपी ने तीन जून को डीएसपी की ओर से तैयार रिपोर्ट को दोबारा कोर्ट में पेश कर दिया। इस कारण दोनों पर कोर्ट की अवमानना का मामला बनता है। इसी के चलते अवमानना की याचिका दायर की गई है। वहीं, सुभाष बतरा ने बताया कि एसपी और डीएसपी को कोर्ट ने नोटिस दिया है। कोर्ट का आदेश था कि एसपी खुद बाबा रामदेव के मामले की जांच करेंगे और रिपोर्ट देंगे। लेकिन एसपी ने न तो जांच की और न ही तारीखों पर पेश हुए। उन्होंने डीएसपी को जांच के लिए कह दिया। यह कोर्ट की अवमानना थी। डीएसपी ने भी हमारे ही बयान रिकॉर्ड किए। मुझे अदालत में पूरा विश्वास है मुझे न्याय अवश्य मिलेगा।
बता दें कि छह अप्रैल-2016 को कोर्ट ने स्वामी रामदेव के खिलाफ कार्रवाई करने की रिपोर्ट एसपी को खुद पेश करने के आदेश दिये थे, लेकिन एसपी ने अपनी जगह डीएसपी को रिपोर्ट लेकर भेज दिया था। इस कारण शिकायतकर्ता के वकील ने एसपी और डीएसपी को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी करने की बात कही थी।
बाल-बाल बचे पूर्व गृह राज्य मंत्री
पूर्व गृह राज्य मंत्री सुभाष बतरा जैसे ही कोर्ट से निकले, एक आटो चालक ने उनकी गाड़ी में टक्कर मार दी। दुर्घटना में चालक और पूर्व गृह राज्य मंत्री बाल-बाल बच गए।