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युवक की मौत पर भड़के परिजनों का निजी अस्पताल के बाहर बवाल, सोनीपत रोड थमा

Fri, 09 Oct 2015 02:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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शहर के एक निजी अस्पताल से रेफर होकर गए युवक की मौत पर परिजनों ने बवाल कर दिया। गुस्साए परिजनों और मोहल्लावासियों ने सोनीपत रोड स्थित भारत नर्सिंग होम के बाहर शव रख जाम लगा दिया। जाम लगाए बैठे लोग एकाएक भड़क गए और पथराव कर दिया। पथराव में अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस के शीशे टूट गए। डॉक्टराें और स्टाफ की सुरक्षा के लिए भारी तादाद में पुलिस तैनात करनी पड़ी। साढ़े तीन घंटे हंगामे के बाद अफसरों के समझाने पर परिजनों ने जाम खोला। 
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भरत कॉलोनी निवासी तरुण (32) शीला बाईपास पर किरयाणे की दुकान चलाता था। मृतक के पिता सोमनाथ धवन ने बताया कि निजी अस्पताल के डॉक्टर ने तरुण के उपचार में गंभीर लापरवाही बरती। 4 अक्तूबर को सुबह तरुण पेट दर्द के उपचार के लिए नर्सिंग होम खुद चल कर आया था। डॉक्टर ने उसको डेंगू बताया और भर्ती कर लिया। 5 अक्तूबर की सुबह उसकी तबीयत अधिक खराब हो गई तो उसे दिल्ली उपचार करवाने की सलाह दी गई। यहां न तो एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और न ही उन्हें कुछ स्पष्ट किया गया। जब हम दिल्ली निजी अस्पताल में पहुंचे तो उन्होंने दाखिल करने से इंकार कर दिया। कहा, केस खराब हो चुका है। तरुण का बीपी लगातार कम हो रहा था। आग्रह करने पर उसे दाखिल कर लिया गया।

 बुधवार शाम को तरुण की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि तरुण अकेला कमाने वाला था। पिता सोमनाथ अशक्त हैं और मां, पत्नी व दो बच्चों के साथ पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन डॉक्टर को गिरफ्तार करे और अस्पताल को सील करें। मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग की गई। बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे परिजन मृतक को एंबुलेंस से नर्सिंग होम के बाहर ले आए और शव सड़क पर रख दिया। यहां डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारियों ने गेट पर ताला जड़ दिया।
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मृतक की मौसी किरण अरोड़ा दिल्ली, बहन इशा व निशा, पत्नी सिमरन व पिता सोमनाथ धवन के साथ सैकड़ों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने अस्पताल को घेर लिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों और जाम लग गया। बीच में पुलिस व जिला प्रशासन के कहने पर एक बार जाम खुला, लेकिन सवा एक बजे रोड फिर बंद कर दिया गया। एसडीएम दलबीर फौगाट, डीएसपी अमित भाटिया और बिजेंद्र सिंह, एचएचओ अर्बन स्टेट नवीन, पुराना सब्जी मंडी थाना प्रवीन और सिविल लाइन थाना संदीप कुमार को मौके पर आना पड़ा।

मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
विवाद बढ़ने पर कुछ लोगों को डीसी और एसपी से मिलवाया गया। अधिकारियों के जांच के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। पहले तो डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया कि मौत दिल्ली में हुई है, इसलिए यह उनका काम बनता है। लेकिन अधिकारियों के कहने पर पोस्टमार्टम किया गया। सिविल सर्जन के आग्रह पर पीजीआई के फोरेंसिक विभाग ने मिल कर शव का पोस्टमार्टम किया। इसके लिए दो टीम बनाई गई थी। एक टीम पोस्टमार्टम के लिए तो दूसरी मौत के कारण तलाशने के लिए। पीजीआई के निदेशक के निर्देशों पर फोरेंसिक विभाग के निर्देशन में पैथोलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फोरेंसिक साईंस व मेडिसन विभाग के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया है।
 
अधिक ग्लूकोज देने से मौत की आशंका
सूत्रों की मानें तो तरुण धवन की मौत का एक कारण अधिक फ्लूयड (ग्लूकोज) देना भी माना जा रहा है। फोरेंसिक विभाग ने जांच के लिए विसरा ले लिया है। हालांकि, अभी जांच अधिकारी मौत के कारणों की पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन अधिक ग्लूकोज दिया जाना एक बड़ा कारण माना जा रहा है। वहीं परिजनों ने भी आरोप लगाया कि शहर के निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने सिर्फ मरीज को फ्लयूड ही दिया, जबकि उसे राहत नहीं मिली।

अस्पताल गेट तोड़ने का प्रयास
रुक-रुक कर भीड़ अस्पताल के गेट को तोड़ने का प्रयास कर रही थी। कुछ युवाओं ने गेट के ऊपर चढ़ कर अंदर घुसने का प्रयास भी किया। स्थिति बिगड़ती देख कई बार पुलिस बल प्रयोग की स्थिति में भी पहुंची, लेकिन पुलिस अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में लाठीचार्ज नहीं किया गया।

खूब हुई राहगीरों से झड़प, गेट गिरने से एक घायल
सुबह दस बजे से डेढ़ बजे तक करीब साढे़ तीन घंटे परिजनाें को न्याय दिलाने के लिए मोहल्लावासियों ने हंगामा किया। गुस्साई भीड़ की राहगीरों से झड़प भी हुई। वहीं जाम के दौरान रूट डायवर्ट होने पर एक कॉलोनी गेट से भीड़ का आवागमन शुरू हो गया। इसी दौरान गेट के पास खडे़ एक लड़के के ऊपर गेट गिर गया। घायल को उपचार के लिए पीजीआई ले जाया गया।
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