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छात्रा से गैंगरेप मामले की जांच एसआईटी करेगी

Thu, 21 Jul 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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पीजीआई में पीड़िता से मिलने के बाद एडीजीपी ने कहा कि आरोपियों का डीएनए टेस्ट भी कराएगी पुलिस - फोटो : amar ujala
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 भिवानी की छात्रा से दोबारा गैंगरेप मामले की जांच अब एसआईटी करेगी। एक महिला डीएसपी सहित दो डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी 30 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस आरोपियों का डीएनए टेस्ट भी कराएगी। बुधवार को पीजीआई में पीड़ित छात्रा से मिलने के बाद एडीजीपी (ला एंड आर्डर) मोहम्मद अकील ने उक्त बातें कहीं। वहीं, पुलिस ने मामले में गिरफ्तार अमित, जगमोहन और संदीप को भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने 10 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन अदालत ने तीनों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील मनोज बेड़वाल ने आरोपियों की जमानत संबंधी और दोनों पक्षों का डीएनए एवं नार्को टेस्ट कराने संबंधी अर्जी लगाई। इस पर कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 24 जुलाई तय की है। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद पुलिस को आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश करना होगा। जबकि मामले में फरार दो आरोपियों के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है।
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पीजीआई में पीड़िता से करीब आधा घंटे बातचीत करने के बाद एडीजीपी अकील ने कहा कि केस की जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। इसलिए कोर्ट से अनुमति लेने के बाद सभी आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा, ताकि गैंगरेप का सच सामने आ सके। केस से जुड़े कुछ सबूतों को एफएसएल में भेज दिया गया है। एडीजीपी ने कहा कि एसआईटी में दो डीएसपी सहित छह अन्य इंस्पेक्टर और एसआई रैंक के पुलिस ऑफिसरों को जांच अधिकारी बनाया गया है, ताकि हर बिंदु पर जांच हो सके। उन्होंने कहा कि एसआईटी 30 दिन में रिपोर्ट पेश करेगी, लेकिन मामला पेचीदा होने के कारण जांच अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।

वारदात स्थल पर पहुंचे एडीजीपी, नहीं हुए 164 के बयान

छात्रा से बातचीत करने के बाद एडीजीपी टीम सहित उस जगह पहुंचे जहां से वह बेसुध हालत में मिली थी। वारदात स्थल सुखपुरा चौक पावर हाउस पर करीब 20 मिनट रुकने के बाद एडीजीपी ने फिर से पुलिस अधिकारियों से बात की। एडीजीपी का कहना है कि अभी तक पीड़िता के 164 के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार तक शायद पीड़िता के 164 के बयान दर्ज कर लिए जाएंगे।
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कोर्ट में कोई सबूत पेश नहीं कर सकी पुलिस

आरोपियों के खिलाफ पुलिस कोर्ट में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाई। पुलिस ने कोर्ट में रिमांड मांगते हुए कहा कि उन्हें वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी को बरामद करना है। इसलिए आरोपियों का रिमांड चाहिए। इसके अलावा पुलिस कोर्ट में आरोपियों की गिरफ्तारी करने से संबंधित कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी।

आरोपियों के परिजनों ने एडीजीपी को घेरा, निष्पक्ष जांच की मांग

बुधवार सुबह रोहतक पहुंचे एडीजीपी ने पहले पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैना रेस्टहाउस में बैठक की। करीब एक घंटे तक उन्होंने आईजी, एसपी और मामले की जांच कर रहे डीएसपी सहित अन्य अधिकारियों से बातचीत की। एडीजीपी के आने की सूचना आरोपियों के परिजनों को मिली तो वह भी रेस्टहाउस पहुंच गये। जैसे ही एडीजीपी पीजीआई में छात्रा से मिलने के लिए जाने लगे तो आरोपियों के परिजनों ने उन्हें घेर लिया। परिजनों ने एडीजीपी से मामले की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग की। साथ ही उनकी ओर से पुलिस को दिये सबूतों का भी जिक्र  किया। एडीजीपी ने परिजनों से सारी बातें लिखित में देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा। आरोपी पक्ष के लोगों की भी बात को तरजीह दी जाएगी।

गैंगरेप पीड़िता को प्रशासन ने दिया 4 लाख 12 हजार का चेक

रोहतक। भिवानी की गैंगरेप पीड़ित छात्रा का मामला तूल पकड़ने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मदद के लिए दौड़ने लगे हैं। वह छात्रा और उसके परिजनों से मिलकर हर तरह से मदद का आश्वासन दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से एसडीएम डा. मुनीश नागपाल व जिला कल्याण अधिकारी रेणू सिसौदिया बुधवार को पीजीआई पहुंचे। इन्होंने पीड़ित छात्रा का हालचाल जाना और उससे बातचीत की। अधिकारियों ने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार पीड़िता की हर संभव मदद की जा रही है। सरकार के नियमों के अनुसार उन्हें 4 लाख 12 हजार 500 रुपये की सहायता दी गई है। एसडीएम ने पीड़िता का उपचार कर रहे चिकित्सकों से भी बातचीत की और दिशा निर्देश दिए।


मीडिया ट्रायल के कारण दिखाई गिरफ्तारी

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील मनोज बेड़वाल और हरेंद्र भालौठिया ने कहा कि पुलिस ने बिना सबूतों के केवल मीडिया ट्रायल के चलते तीनों को गिरफ्तार किया है। जहां पर वारदात की बात कही जा रही है वह इतना व्यस्त इलाका है कि इस तरह की घटना होती तो किसी न किसी को जरूर पता चलता।

पुलिस की दलील

पुलिस की ओर से दलील दी गई कि उसे रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से पीड़िता की ओर से बताई गई चीजों की बरामदगी करनी है। जैसे शराब की बोतल, कार और अन्य सामान। इसके अलावा आरोपियों की ओर से दी गई सीसीटीवी फुटेज की भी जांच करनी है। साथ ही अन्य आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।

ये हैं एसआईटी में शामिल

गैंग रेप पीड़ित छात्रा के मामले की जांच के लिए एडीजीपी मो. अकील की ओर से गठित एसआईटी में डीएसपी पुष्पा खत्री, डीएसपी डॉ. रविन्द्र कुमार सहित सीआईए-1 इंस्पेक्टर राकेश कुमार, एसआई राजेंद्र, साइबर सेल प्रभारी एसआई सुरेंद्र, सलारा मोहल्ला चौकी इंचार्ज एएसआई सुशील और महिला एएसआई देवी रानी को शामिल किया गया है।
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