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वार्ड बना छावनी, सामान्य मरीज परेशान

Thu, 21 Jul 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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गैंग रेप पीड़ित छात्रा की निजता और सुरक्षा के कारण व्यवस्था चौकस - फोटो : amar ujala
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भिवानी की गैंग रेप पीड़ित छात्रा की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीजीआई के वार्ड 26 को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इस कारण इस वार्ड में उपचाराधीन अन्य मरीजों और परिजनों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को भी वार्ड में सुबह से नेताओं, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आना-जाना जारी रहा, जिससे दूसरे मरीजों को दिक्कत हुई।
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कांग्रेसी विधायक शकुंतला खटक पहुंची पीजीआई

गैंग रेप पीड़िता से मिलने सुबह 8.45 बजे कलानौर की विधायक शकुंतला खटक पीजीआई पहुंची। उन्होंने वारदात को शर्मनाक बताते हुए ला एंड आर्डर पर सवाल उठाए। कहा कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने कलानौर के एक गांव की पांच साल की दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से भी मुलाकात की।

एडीजीपी ला एंड आर्डर अकील मोहमद ने की पीड़िता से मुलाकात

दोपहर 1.30 बजे एडीजीपी ला एंड आर्डर अकील मोहमद पुलिस टीम के साथ गैंग रेप पीड़िता से मिलने पहुंचे। उनके साथ आईजी संजय कुमार, पुलिस कप्तान राकेश आर्य, डीएसपी डॉ. रविंद्र, पुष्पा खत्री, पीजीआईएमएस थाना एसएचओ कुलदीप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने पीड़िता से करीब 15 मिनट की मुलाकात करने के बाद 10 मिनट परिजनों से बातचीत की। पुलिस अधिकारी ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
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शाम को पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

एसडीएम मुनीष नागपाल और डिस्ट्रिक वेलफेयर अधिकारी रेनू सिंह पीड़िता से मुलाकात करने पहुंची। अधिकारियों ने सामूहिक बलात्संग भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 376 घ के अनुसार चार लाख 12 हजार 500 रुपये का चेक प्रदान किया। अधिकारी ने बताया कि पीड़िता को 8 लाख 25 हजार रुपये मिलेंगे। इसमें चिकित्सा जांच और चिकित्सा रिपोर्ट की पुष्टि के बाद 50 फीसदी राशि दी गई है। 25 फीसदी राशि जब आरोप पत्र न्यायालय में भेजा जाएगा और न्यायालय द्वारा विचारण की समाप्ति पर शेष 25 फीसदी राशि दी जाएगी।

वार्ड के बाहर लगाया पर्दा

पीजीआईएमएस के सुरक्षा गार्डों ने पीड़िता के कक्ष की सुरक्षा की बजाए पूरी गैलरी को कब्जे में ले लिया है। वार्ड में प्रवेश द्वार पर पर्दा लगा दिया गया है। वार्ड में हर आने-जाने वाले को पूछताछ के बाद ही आने-जाने दिया जा रहा है। इस कारण अन्य मरीजों के परिजनों ने रोष जताया है कि एक मरीज के चक्कर में सभी को परेशान किया जा रहा है।

वार्ड की लिफ्ट खराब

वार्ड 25 और 26 के मरीजों के लिए पीजीआईएमएस प्रबंधन लिफ्ट ठीक नहीं करा पा रहा है। इसके चलते आने वाले मरीजों और वीवीआईपी को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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