प्रीत विहार कालोनी में सुबह करीब नौ बजे एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। देर रात करीब साढ़े 12 बजे 15 घंटे बाद युवक टावर से नीचे उतरा। इस बीच युवक के परिजन और उसके बच्चे उससे नीचे आने की गुजारिश करते रहे, लेकिन युवक पर असर नहीं हुआ। युवक के दो बच्चों का मौके पर रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। पत्नी के आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। रात साढ़े 12 बजे युवक टावर से उतर अाया।
रुंधे गले से वह बार-बार पति को टावर से नीचे उतरने की मिन्नतें करती रही। बहन और पुलिस ने भी काफी प्रयास किया, लेकिन युवक ने किसी की नहीं सुनी। देर रात तक पुलिस और परिजन उसकी रखवाली के लिए टावर के पास बैठे रहे। युवक ने टावर से नीचे उतरने के लिए कोई शर्त भी नहीं रखी है। माना जा रहा है कि युवक की मानसिक स्थित ठीक नहीं है।
प्रीत विहार कालोनी निवासी हरपाल (30) बुधवार सुबह करीब आठ बजे घर से निकला था, लेकिन दोपहर तक घर नहीं लौटा। दोपहर करीब दो बजे कालोनी वासियों ने परिजनों को सूचना दी कि हरपाल कालोनी में बने मोबाइल टावर पर चढ़ गया है। बताया गया कि वह सुबह नौ बजे टावर पर चढ़ गया था। जानकारी मिलते ही परिजन टावर के पास पहुंचे। तब तक हरपाल टावर के आधे हिस्से पर चढ़ चुका था। परिजनों ने उससे नीचे उतरने की बात कही, लेकिन उसने इनकार कर दिया। जब उसका एक दोस्त टावर पर चढ़कर उसे उतारने का प्रयास करने लगा तो वह और ऊपर चढ़ गया।
युवक ने धमकी दी कि यदि कोई टावर पर उसे उतारने के लिए चढ़ा तो वह कूद जाएगा। इस पर दोस्त और परिजन पीछे हट गये। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। कुछ देर बाद शिवाजी कालोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसएचओ नीरज भी देर रात तक मौके पर डटे रहे। पुलिस ने भी युवक को उतारने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन उसने एक नहीं सुनी। टावर के पास पुलिस ने जाल बिछा दिए थे ताकि यदि युवक कूदे या गिरे तो उसे बचाया जा सके। यही नहीं पुलिस उसे उतारने के लिए गुरुग्राम से क्रेन भी मंगवा रही थी। बताया जा रहा था कि सुबह तक क्रेन पहुंच जाएगी।
दो मासूमों का पिता है युवक
बताया जा रहा है कि हरपाल कोई काम काम नहीं करता है, जबकि उसकी पत्नी एक निजी स्कूल में पढ़ाती है। हरपाल की एक बेटी और एक बेटा है। वह मूल रूप से बहुअकबरपुर का रहने वाला है। उसके पास ठीक ठाक खेती बताई जा रही है।
परिवार की सुनी न पुलिस की
हरपाल को टावर से नीचे उतारने के लिए पुलिस और उसके परिवार वालों ने काफी प्रयास किये। बच्चों ने बार-बार कहा कि पापा नीचे आ जाओ, पापा नीचे आ जाओ। पत्नी ने बार-बार अपील की। बहन ने गुजारिश की, लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी। परिजनों ने हरपाल को उसके बच्चों का वास्ता भी दिया। लेकिन उसने सभी बातों को दरकिनार कर दिया। हरपाल ने टावर पर चढ़ने के बाद कोई मांग नहीं की है। प्राथमिकता के आधार पर मौके पर दमकल की गाड़ियों को बुला लिया गया।
रात भर टावर से उतरने की अपील करती रही पुलिस और परिजन
हरपाल की जान को खतरा देखते हुए शिवाजी कालोनी थाना पुलिस ने क ई पुलिस कर्मियों को टावर के पास ड्यूटी पर लगा दिया, ताकि हरपाल कोई अनहोनी न हो। युवक के परिजन भी मौके पर डटे रहे। युवक को टावर से नीचे आने की पुलिस रात भर अपील करती रही। साथ ही टावर पर लाइट लगाकर उसकी हलचल पर नजर रखती रही। परिवार वाले भी टावर के साथ लगते मकान पर चढ़कर हरपाल से नीचे उतरने की अपील करते रहे। रात साढ़ 12 बजे युवक टावर से उतर अाया।
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पैसे नहीं देने पर चला जाता था घर से बाहर
परिजनों का कहना है कि हरपाल मानसिक तौर पर परेशान रहता है। पहले भी ऐसी कई हरकतें कर चुका है। हरपाल के एक करीबी ने बताया कि हरपाल घर में रुपये मांगता था। जब उसे रुपये नहीं मिलते थे तो वह घर से काफी देर तक बाहर चला जाता था। कई बार उसने मारपीट करने का भी प्रयास किया। हरपाल को नीचे उतारने के लिए परिजनों ने रात को डीसी और एसपी से गुहार लगाई।