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पति, जेठ और पुलिस के खिलाफ बहन के साथ धरने पर बैठी पत्नी

Thu, 22 Sep 2016 02:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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उप पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पारिवारिक सदस्यों सहित धरने पर बैठी किशनगढ़ वासी पीड़िता स्वीटी। - फोटो : amar ujala
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बुधवार को महम के लघु सचिवालय में हंगामा हो गया। यहां अपने पति, जेठ पर पुलिस कार्रवाई नहीं होने से खफा पत्नी अपनी बहन और अन्य महिला परिजनों के खिलाफ धरने पर बैठ गई। पीड़िता ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है। पीड़ितों के धरने पर बैठते ही पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और किसी तरह आश्वासन देकर धरना खत्म करवाया।
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डीएसपी कार्यालय पहुंची किशनगढ़-महम निवासी स्वीटी ने बताया कि मार्च 2007 में उसकी शादी चरखी दादरी निवासी प्रीतम के साथ हुई थी। प्रीतम की यह दूसरी शादी थी। शादी के दस दिन बाद ही मेरे ऊपर प्रीतम ने ज्यादती शुरू कर दी। लोकलाज व समाज के डर से मैंने अपने वैवाहिक रिश्ते को बचाने की भरसक कोशिश की। इस दौरान मैंने बेटे मोहित व बेटी अशिका को जन्म दिया। बावजूद इसके उनकी ज्यादती बढ़ती गई और आखिरकार मुझे घर से निकाल दिया गया। ज्यादती की हद के बाद मामले की पुलिस में शिकायत दी गई। स्वीटी ने बताया कि मारपीट संबंधी शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं करते हुए उसके पति को छोड़कर सभी आरोपियों को मामले से बाहर निकाल दिया और किसी प्रकार की उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि रविवार को उसका जेठ चार व्यक्तियों सहित किशनगढ़ स्थित घर पर आ धमका। उस वक्त पीड़िता की छोटी बहन रेणु उस वक्त घर पर अकेली थी। स्वीटी का कहना है कि जेठ ने मेरी छोटी बहन रेणु के साथ बुरा बर्ताव किया और उसे जान से मारने की धमकी दी। उक्त मामले में भी पुलिस द्वारा कोई उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है और आरोपियों को बचाया जा रहा है। पुलिस की नकारात्मक कार्रवाई के चलते हुए ही उन्हें धरना देने पर मजबूर होना पड़ा। वहीं, डीएसपी शमशेर सिंह का कहना है कि आरोपी प्रीतम को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में जांच महिला सैल की अधिकारी द्वारा की गई थी। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप बेबुनियाद हैं।
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