तीन निर्दोष युवकों को हत्या के मामले में फंसाने वाले लाखनमाजरा थाने के सस्पेंड थानेदार संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया है। आईजी श्रीकांत जाधव के आदेश पर झज्जर पुलिस के डीएसपी ने यह कार्रवाई की है। एएसआई संदीप को महम ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने 5 दिन के रिमांड पर झज्जर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने शुक्रवार देरशाम एएसआई को रोहतक बस स्टैंड से गिरफ्तार किया था।
बता दें कि लाखनमाजरा क्षेत्र में गुड़गांव निवासी एक युवक का शव मिला था। शव ढाबे के आसपास मिलने के कारण लाखनमाजरा पुलिस ने एक ढाबे से तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। तुरंत कार्रवाई करने पर जिला पुलिस ने अपनी पीठ भी थपथपाई।
इसके कुछ दिन बाद ही बेरी-कलानौर और महम इलाके में लूटपाट करने वाले एक गिरोह को पकड़ा गया। गिरोह ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने ही गाड़ी और जेवरात लूटने के लिए गुड़गांव निवासी युवक की हत्या की थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पहले पकड़े गए तीनों आरोपियों को पिछले दरवाजे से छोड़ दिया।
लेकिन इसी बीच एक युवक के चाचा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी कि उनके युवक को बाहर निकलवाने के लिए दो व्यक्तियों ने उनसे 10 लाख रुपये ठग लिये। मीडिया में यह बात आते ही पुलिस को भंडाफोड़ हो गया और हत्या जैसे संगीन आरोप में तीन युवकों को फंसाए जाने का खुलासा हो गया। मीडिया में मामले खुलते ही एसपी शशांक आनंद ने लाखनमाजरा थाने के तत्कालीन थानेदार संदीप और एक सीआईए अधिकारी को सस्पेंड कर दिया।
मामले में डीएसपी महम को भी लाइन हाजिर किया गया था। आईजी ने मामले की जांच झज्जर डीएसपी राजीव कुमार को सौंपी, जिन्होंने शुक्रवार को थानेदार को गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार को रोहतक बस स्टैंड से संदीप को गिरफ्तार किया गया है। शनिवार को उसे महम ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है।
राजीव कुमार, डीएसपी झज्जर सिटी।