बाजारों में खुलेआम बिकने वाला रसायन सल्फर और पोटैशियम नाइट्रेट पुलिस की निगरानी में बेचा जाएगा। बिक्री और खरीद करने वाले दुकानदारों और ग्राहकों का ब्यौरा अब संबंधित थाना प्रभारियों को रखना होगा। एसपी राकेश आर्या ने असामाजिक तत्वों के द्वारा किसी अनहोनी की आशंका को लेकर यह निर्णय लिया। पुलिस की मानें तो अधिकतर किसान खेतों में जंगली जानवरों और पक्षियों को भगाने के लिए सल्फर और पोटैशियम नाइट्रेट के मिश्रण का प्रयोग धमाकों के लिए करते हैं।
संदिग्ध उठा सकते हैं फायदा
एसपी राकेश आर्य ने सभी थानों और पर्यवेक्षक अधिकारियों को निर्देश जारी किये। आशंका जताई गई है कि दोनों पदार्थ बाजार में खुलेआम बिक रहे हैं। ऐसे में कोई असामाजिक तत्व इनका गलत कामों में प्रयोग कर वारदात को अंजाम दे सकता है। वहीं किसानों को इस रसायन के प्रयोग के लिए अधिकारी कृषि अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। बाद में कृषि अधिकारी किसानों को इसके मिश्रण की जानकारी देंगे।
दुकानदारों और विक्रेताओं की बनेगी सूची
संबंधित थाना क्षेत्र में सल्फर और पोटैशियम नाइट्रेट पदार्थ रखने वाले सभी दुकानदारों और थोक विक्रेताओं के नाम की सूची तैयार की जाएगी। साथ ही अधिकृत विक्रेता ही बाजार में इन पदार्थों की बिक्री कर सकेंगे। यही नहीं दुकानदारों को अपने यहां सीसीटीवी कैमरे भी लगवाने होंगे।
दुकानदार ग्राहकों का नाम करेंगे दर्ज
रसायनिक पदार्थों के गलत प्रयोग से बचने के लिए प्रशासनिक अधिकारी दुकानदारों को एक रजिस्टर देंगे। इसमें दुकानदार खरीदारी करने वाले ग्राहकों का नाम दर्ज करेंगे। साथ ही इस रजिस्टर को चेक करने की जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी की होगी।
नई गाइडलाइन के अनुसार-
- जो व्यक्ति सल्फर और पोटैशियम नाइट्रेट की बिक्री करता हो। उस व्यक्ति के संबंध में अधिकतर जानकारी संबंधित थाने के रजिस्टर में दर्ज होनी चाहिए।
- इसी तरह इन रसायनिक पदार्थों की बिक्री करने वाले थोक विक्रेता क ा भी पूरा रिकार्ड थाने में दर्ज हो।
- इन रसायनिक पदार्थों की बिक्री करने वाले दुकानदारों और थोक विक्र्रेताओं को अपनी दुकानों मेें सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे।
- इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों से तालमेल करके किसानों को इन रसायनिक पदार्थों के प्रयोग के बारे में समझाया जाएगा।