देर रात खरावड़ गांव गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा गया। दो बाइक से आए करीब सात बदमाशों ने एक बाइक सवार व्यक्ति पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। करीब 25 राउंड की फायरिंग में करीब 12 गोलियां लगने से व्यक्ति मौके पर ही मौत हो गई। जबकि बाइक पर पीछे बैठे उसके चचेरे भाई ने अंधेरे में भाग कर किसी तरह जान बचाई। वारदात को अंजाम देकर बदमाश बाइक से ही भाग गए। हत्या के कारणों का पता नहीं चला है। वारदात की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंच गई। देर रात तक सांपला एसएचओ और सीआइए-2 की टीम बदमाशों की धर पकड़ के लिए छापेमारी कर रही थी। पुलिस का कहना है कि मारे गए व्यक्ति पर कई मुकदमे दर्ज थे। हालांकि, वह अधिकतर केसों में बरी हो चुका था।
पुलिस के अनुसार, रात करीब साढ़े नौ बजे खरावड़ गांव निवासी संजय उर्फ लीला (42) पुत्र हरिचंद अपने चचेरे भाई रविंद्र के साथ बाइक से घर आ रहा था। रेलवे रोड पर एक बीज की दुकान के पास जब वह पहुंचे तो पीछे से दो बाइक पर करीब सात बदमाश आए और उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से संजय बाइक सहित गिर गया। जबकि उसके चचेरे भाई रविंद्र ने खेतों की तरफ भाग कर जान बचाई। बताया जा रहा है कि अंधेरा होने की वजह से बदमाश रविंद्र को देख नहीं पाए। गोलियों की आवाज सुनकर कई लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बदमाश भाग चुके थे। लोगों ने पुलिस और संजय के परिजनों को वारदात की सूचना दी। जब तक पुलिस और संजय के परिजन मौके पर पहुंचे उसकी मौत हो चुकी थी। बाद में मौके पर डीएसपी विजय सिंह और एसएचओ राजबीर भी पहुंच गए। एफएसएल की टीम को भी सूचना दी गई। एक्सपर्ट सरोज दहिया ने पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
30 राउंड फायरिंग, 12 गोलियां लगी
दो बाइक पर आए करीब सात बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग करके संजय को गोलियों से छलनी कर दिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने करीब 30 राउंड फायरिंग की है, जिसमें से 12 गोलियां संजय को लगी हैं। छह गोली संजय की छाती में लगी है। जबकि एक पेट में और तीन गोली सिर में लगी है। एक गोली आंख में लगी है।
गांव के दो युवकों पर शक
संजय के चचेरे भाई रविंद्र ने वारदात में शामिल का शक गांव के दो युवकों दीपक और सोनू पर जाहिर किया है। संजय के परिजनों का कहना है कि कई दिनों से कुछ लोग संजय का पीछा कर रहे थे। उसने यह बात परिजनों को बताई थी। शक जताने के बावजूद देर तक पुलिस ने दोनों युवकों पर केस नहीं दर्ज किया था।
परिवार की स्थिति
बताया जाता है कि संजय के चार भाई थे। एक भाई की पहले मौत हो चुकी है। अब संजय की भी जान चली गई। इसके बाद दो भाई बचे हैं। संजय के माता पिता की भी मौत हो चुकी है। परिजनों ने बताया कि संजय अधिकतर समय सरपंच के साथ रहता था। इसी कारण गांव के कुछ लोग उससे रंजिश रखते थे।
संजय पर भी दर्ज थे मुकदमे
पुलिस के अनुसार, संजय पर भी कई मुकदमे दर्ज थे, लेकिन वह अधिकतर में बरी हो चुका था। यही वजह है कि उसकी हत्या को पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि पुराने मामले में रंजिश की वजह से उसकी हत्या की गई है।