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मौज मस्ती के लिए पिस्तौल दिखा करते थे वसूली, 15 दिन में सात हजार वसूले

Wed, 12 Oct 2016 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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लाइसेंसी पिस्तौल के दम पर रेहड़ी वालों में बनाते थे खौफ, पुलिस ने वसूली रकम बरामद की, दो और गिरफ्तार - फोटो : amar ujala
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मेडिकल मोड़ में मौज मस्ती के लिए लाइसेंसी पिस्तौल के दम पर रेहड़ी वालों से वसूली की जाती थी। लगातार 15 दिन तक आरोपियों ने रेहड़ी संचालकों से सात हजार रुपये वसूले। शहर में सुरक्षा व्यवस्था का ढिंढोरा पिटने वाले पुलिस प्रशासन को खुलेआम होने वाली वसूली की भनक तक न लगी। मंगलवार को पुलिस ने मामले में फरार दो अन्य आरोपी सांघी निवासी अंकित और विकास उर्फ देसी को गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।  
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पुलिस ने बताया कि मामले में पकड़ा गये आरोपी अंकित के पास मेडिकल मोड़ स्थित संग्रहालय का ठेका है। दूसरा आरोपी विकास उसी के साथ काम करता है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लाइसेंसी पिस्तौल दिखाकर रेहड़ी वालों से वसूली करते थे। रुपये न देने पर हत्या की धमकी देते थे। पुलिस ने बताया कि वारदात में प्रयोग लाइसेंसी पिस्तौल आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू के हैं। पिस्तौल को पहले ही बरामद किया जा चुका है। साथ ही आरोपियों से वारदात में प्रयोग गाड़ी, हथियार और वसूली की गई रकम को बरामद कर लिया है। पुलिस ने इससे पहले मामले मेें मुख्य आरोपी सांघी निवासी अजय हुड्डा सहित उसके साथी सांघी के जितेंद्र, किलोई के प्रदीप उर्फ नीरज और जींद के गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी रवि उर्फ ढीलू को गिरफ्तार किया था। इन्हें एक दिन के रिमांड के बाद जेल भेजा गया।

निरस्त होगा लाइसेंसी पिस्तौल

जांच अधिकारी एएसआई नरेश का कहना है कि सभी आरोपी मौज मस्ती के लिए वसूली करते थे। वहीं, वारदात में प्रयोग लाइसेंसी पिस्तौल का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। इसके लिए पुलिस प्रक्रिया में जुट गई है।
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मेडिकल मोड़ पर अभी तक नहीं सुरक्षा के इंतजाम

रेहड़ी संचालक गुलशन कुमार की जान चली जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। अभी तक मेडिकल मोड़ पर रेहड़ी वालों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किये गये हैं। वहीं रेहड़ी वालों में आरोपियों का खौफ बना हुआ है। रेहड़ी वालों ने बताया कि सुबह से शाम तक एक बार भी मेडिकल मोड़ पर पीसीआर नजर नहीं आई। यदि ऐसे ही हालात रहे तो आरोपी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
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