रोहतक के लाढ़ौत रोड पर रविवार सुबह कोऑपरेटिव बैंक के ब्रांच मैनेजर बसंत विहार निवासी सुनील नेहरा के 12 वर्षीय बेटे दीपांशु पर पिटबुल कुत्ते ने हमला कर दिया। घायल को पीजीआई के ट्रामा सेंटर में दाखिल कराया गया है। उसके पेट पर तीन सेंटीमीटर तक गहरे घाव आए हैं। पुरानी सब्जी मंडी थाने में मां-बेटी के खिलाफ लापरवाही बतरने की एफआईआर दर्ज की गई है।
दीपांशु के पिता सुनील नेहरा ने बताया कि वे सुबह अपनी पत्नी के साथ जींद जा रहे थे। अचानक पड़ोस से फोन आया कि उसके बेटे को कुत्ते ने काट लिया। वह रोहतक वापस आया और बेटे दीपांशु के पास पीजीआई के ट्रामा सेंटर पहुंचा। बेटे के पेट पर 20 के करीब जख्म हैं। इसमें दो जख्म तो तीन सेंटीमीटर तक गहरे हैं। डॉक्टर ने अपनी एमएलआर रिपोर्ट में बताया कि पेट के दाहिने तरफ नाभि से लगभग 5 सेमी की दूरी पर कई छोटे खरोंच व काटने के निशान हैं। इनसे सक्रिय रक्तस्राव हो रहा है। चिकित्सक और सर्जन की राय लेने की सलाह दी गई है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि जिस मकान से पिटबुल कुत्ते निकल कर आए थे। वहां से एक महिला व उसकी बेटी निकल कर आई। बेटी घायल दीपांशु को संभालने के बजाय कुत्ते को अंदर घर में ले गई और दरवाजा बंद कर लिया।
घायल दीपांशु के पिता सुनील नेहरा के बयान पर महिला शर्मिला व उसकी बेटी मुस्कान के खिलाफ बीएनएस की धारा 291,125(A) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - एसआई सन्नी सिंह, प्रभारी सुखपुरा पुलिस चौकी
वरिष्ठ वकील दीपक भारद्वाज ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 'पशु के प्रति लापरवाहीपूर्ण आचरण' से संबंधित है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर या लापरवाही से अपने पालतू जानवर (जैसे कुत्ता) को असुरक्षित छोड़ता है। इससे मानव जीवन या सुरक्षा को खतरा हो तो 6 महीने तक की जेल या 5,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
विदेशी नस्ल के कुत्ते का लाढ़ौत पर रोड पर पहला हमला नहीं है। 2018 में बुल टेरिअर कुत्ते ने छह साल की बच्ची को औमेक्स सिटी पर हमला कर दिया था। दो मिनट में बच्ची को 60 जगह से काटा गया था। इसके बावजूद शासन व प्रशासन सख्त कदम नहीं उठा रहा है।
पशु चिकित्सक डॉ. ओम आहूजा ने बताया कि पिटबुल खतरनाक प्रजाति का कुत्ता है। यह अपने मालिक पर भी हमला कर सकता है। एक बार पकड़ने बाद आसानी से नहीं छोड़ता। इस नस्ल के कुत्तों को पालने से बचना चाहिए।