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पीजीआई में सुरक्षा गार्डों ने प्रसूता और उसके पति को पीटा

Mon, 21 Dec 2015 02:05 AM IST
pgi security guard delevery case
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पीजीआई में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर एक प्रसूता और उसके पति की पिटाई कर दी गई।
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मारपीट इस कदर हुई कि प्रसूता के हाथों से चार दिन का नवजात भी छूट गया। हालांकि एक गार्ड ने बच्चे को संभाल लिया और उसे चोट नहीं आई।

लेकिन मारपीट से आहत पति-पत्नी ने हंगामा खड़ा कर दिया। दोनों वार्ड के सामने ही धरने पर बैठ गए और आरोपी गार्डों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

दोनों को अन्य मरीजों के परिजनों का भी साथ मिल गया जिससे हंगामा बढ़ गया। मौके पर पुलिस पहुंची और पति ने गार्डों के खिलाफ लिखित शिकायत दी। करीब ढाई घंटे चले इस हंगामे में प्रसूता अपने बच्चे को भी वार्ड से बाहर ले आई, जिससे ठंड के कारण उसकी तबियत खराब हो गई।

बाद में बच्चे को भर्ती करना पड़ा।
आसौदा निवासी जयपाल की पत्नी कविता को 16 दिसंबर को पीजीआई के वार्ड-2 में भर्ती किया गया था। गर्भवती कविता ने इसी रात साढ़े 11 बजे ऑपरेशन के जरिए बच्चे को जन्म दिया।
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रविवार को उसे छुट्टी दी जाने वाली थी। जयपाल ने बताया कि रविवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कुछ सामान देने प्रसूता वार्ड के गेट पर पहुंचा था। वहां मौजूद गार्ड ने उसे अंदर जाने से रोक दिया। जब उसे बताया कि उसकी पत्नी का ऑपरेशन हुआ है और वह वार्ड में अकेली है।

इस पर गार्ड ने बदतमीजी से बात करनी शुरू कर दी और धक्का दिया। आवाज सुनकर उसकी पत्नी कविता भी वहां पहुंच गई और धक्का देने का विरोध किया। कविता का आरोप है कि विवाद के दौरान ही एक महिला गार्ड ने उसे तमाचा मार दिया। जयपाल ने जब पत्नी के साथ मारपीट होते देखी तब वह उसके पास पहुंच गया। आरोप है कि तभी छह-सात सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ कर जमकर पीटना शुरू कर दिया। इधर, दो महिला सुरक्षाकर्मी ने कविता के साथ मारपीट की।

लोगों ने छुड़वाया
प्रत्यक्षदर्शी धर्मपाल ने बताया कि सुरक्षाकर्मी बेरहमी से पति-पत्नी को पीट रहे थे। उन्होंने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर दोनों को छुड़वाया। महिला के हाथ में उसका चार दिन का नवजात बच्चा भी था जो मारपीट के दौरान हाथ से छूट गया, लेकिन वहां मौजूद एक अन्य गार्ड ने बच्चे को संभाल लिया। इसके बाद लोगों ने जमकर हंगामा किया।

धरने पर बैठे पति-पत्नी
मारपीट के विरोध में पति-पत्नी वार्ड के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। जब कार्रवाई की मांग की तो हंगामा बढ़ गया। दोनों ने कार्रवाई होने तक वहीं धरना देने की चेतावनी दे दी। अन्य लोगों ने भी दोनों का समर्थन कर दिया। इससे स्थिति और बिगड़ गई। वार्ड के कई डॉक्टर और पीजीआई के कुछ वरिष्ठ अधिकारी वहां पहुंचे और दोनों को समझाने की कोशिश की। लेकिन सारी कोशिश नाकाम रही।

उस महिला को लाओ, मार कर ही लूंगी बदला
प्रसूता कविता इतनी गुस्से में थी कि वह महिला सुरक्षाकर्मी को सामने लाने की बात कहती रही। उसने यह भी कह दिया कि जब तक मैं उसे थप्पड़ नहीं मारूंगी मुझे चैन नहीं मिलेगा। उसे मार कर ही बदला लूंगी। इस दौरान वह कई बार रोई भी।

पुलिस पहुंची मौके पर, नहीं बनी बात
हंगामा बढ़ने पर पीजीआई थाने से एएसआई राजकुमार पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे और पति-पत्नी को थाने में चलकर रिपोर्ट देने की बात कही। लेकिन दोनों ने वहीं रिपोर्ट लिखने की मांग की। पुलिस ने जयपाल से लिखित में शिकायत ली। उनकी मांग के अनुसार महिला सुरक्षागार्ड को सामने भी लाया गया। हालांकि कविता ने उसके साथ मारपीट नहीं की और उसे गिरफ्तार करने की मांग उठाई। इस पर जब किसी भी बात से दोनों नहीं माने तो एएसआई भी नाराज हो गए और वहां मौजूद भीड़ को वहां से बाहर निकालने का प्रयास करने लगे।

हाथों हाथ बन गया डिस्चार्ज कार्ड
प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि मारपीट करने वाले सुरक्षाकर्मियों को वहां से तत्काल दूसरी जगह भेज दिया गया और उनकी जगह अन्य सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया। जब जयपाल ने यह बात उठाई तो अधिकारी इससे मुकर गए। इसी दौरान कविता का डिस्चार्ज कार्ड भी बना दिया गया। जब यह कार्ड कविता को दिया गया तो उसने कार्ड फेंक दिया और जाने से इन्कार कर दिया।
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माफी मांगकर छुड़ाया पीछा
हंगामे के दौरान डॉ. गीता गठवाला वहां पहुंची और उन्होंने बच्चे की जांच भी की। उन्होंने कहा कि बच्चे की तबियत ठंड के कारण खराब हो सकती है। इसलिए उसे अंदर ले जाओ। जब बच्चे को कंपकंपी होने लगी तब दोनों थोड़ा नर्म पड़े। इसी दौरान अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद सुरक्षाकर्मियों नेे माफी मांग ली इसके बाद जयपाल ने भी अपनी शिकायत वापस ले ली। बच्चे की तबियत खराब होने पर उसे तत्काल वार्ड में भर्ती किया गया।
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