साइबर क्राइम के मास्टरमाइंड शातिर ने सेक्टर-3 निवासी महिला से उसकी बेटी
के बैंक खाते की डिटेल लेकर करीब 50 हजार रुपये उड़ा लिए। पीड़िता ने
परिजनों की मदद से आरोपी की डिटेल और लोकेशन भी खोज निकाली। आरोपी का पूरा
ब्योरा देने के बाद भी पुलिस ने जांच आगे नहीं बढ़ाई। यही नहीं, पीड़िता से
पूछताछ करना तक जरूरी नहीं समझा। पीड़िता एमबीए छात्रा की छात्रा है।
साइबर क्राइम के मामलों में पुलिस की लापरवाही आमजन पर भारी पड़ रही है।
दरअसल,
मूलरूप से झज्जर के गांव बिरधान निवासी राजेश्वर दहिया अपने परिवार के साथ
सेक्टर-3 में रहते हैं। उनका ट्रेडिंग का काम है। रविवार सुबह को राजेश्वर
की पत्नी के पास एक युवक ने बैंक मैनेजर बनकर फोन किया। आरोपी ने महिला से
कहा कि उनका बैंक खाता बंद पड़ा है। इसे शुरू करवाने के लिए खाते से जुड़ी
जानकारी देनी होगी। इसके बाद महिला ने अपने खाते के बारे में जानकारी दे
दी। फिर आरोपियों ने महिला से पूछा कि उनके अलावा परिवार के किन लोगों का
खाता संबंधित बैंक में है।
इस पर महिला ने बताया कि उनकी बेटी और बेटे का
खाता है। फिर आरोपी ने बेटे और बेटी के खाते की डिटेल मांगी। जब महिला ने
आरोपी से उनकी खाता डिटेल मांगने का कारण पूछा तो आरोपी ने कहा कि उनका
खाता भी अपडेट करना पड़ेगा। इसके बाद महिला ने अपने बेटे और बेटी के खातों
की जानकारी भी आरोपी को दी। कुछ ही देर बाद बेटी के खाते से करीब 50 हजार
रुपये निकासी का मैसेज आया। जबकि सभी लोग घर पर मौजूद थे। इसके बाद परिवार
की तरफ से पुलिस को सूचना दी गई।
शुक्र है कि बेटी के खाते मेें ही रुपये थे
आरोपियों
ने परिवार के तीनों सदस्यों के बैंक खातों में से राशि उड़ाने की तैयारी
कर ली थी। मगर शुक्र है कि केवल बेटी के खाते में ही रुपये थे। यदि मां और
बेटे के खाते में भी रुपये होते तो लाखों रुपये का नुकसान हो सकता था।
पीड़िता की मां ने बताया कि उनका खाता पिछले काफी समय से बंद है। जबकि बेटे
के खाते में रुपये नहीं थे।
लोकेशन दी फिर भी नहीं टूटी पुलिस की नींद
पीड़िता
की मां का कहना है कि उन्होंने रुपये निकलाने वाले आरोपी की लोकेशन के
बारे में भी पुलिस को जानकारी दी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आरोपी की लोकेशन बिहार के लहलानपुर स्थित हनुमान मंदिर के पास मिली है।
मोबाइल ऐप पर भी आरोपी के नाम से उसकी पूरी पहचान मिल रही है।
आरोपी ने फिर से किया ठगी का प्रयास
पुलिस
की लापरवाही की वजह से आरोपी ने फिर से छात्रा के खाते से रुपये निकालने
का प्रयास किया। उसने दोबारा फोन करके महिला से छात्रा के एटीएम कार्ड पर
लिखे नंबर के बारे में जानकारी ली। मगर, इस बार परिवार ने आरोपी को किसी
प्रकार की जानकारी नहीं दी। जब महिला ने आरोपी से रुपये लौटाने की बात कही
तो उसने कहा कि अभी वापस करता हूं।
अभी तक एफआईआर कापी पढ़ी नहीं है। एफआईआर पढ़ने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- एएसआई नरेेंद्र सिंह, जांच अधिकारी।