डकैती के मामले में सजा काट रहा एक कैदी शुक्रवार सुबह पीजीआई से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया।
करनाल पुलिस उसे सोमवार को जेल से पीजीआई में कूल्हे का ऑपरेशन कराने के लिए लेकर आयी थी।
फरार कैदी पूनाराम (58) शामली जिले के झिंझाना थानांतर्गत खानपुर कलां गांव का रहने वाला है।
उसे घरौंडा में 2002 में डकैती डालने के मामले में दस साल की सजा मिली थी और अब करनाल जेल में बंद था। कैदी ने एक पुलिसकर्मी के सो जाने और दूसरे के टेस्ट रिपोर्ट लाने के लिए चले जाने का फायदा उठाया और ढीली हथकड़ी निकालकर फरार हो गया।
कैदी के फरार होने पर करनाल पुलिस भी रोहतक पहुंची। देरशाम तक तलाश जारी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। मामले में तीन पुलिसकर्मियों और कैदी पर केस दर्ज किया गया है।
करनाल जेल में बंद पूनाराम को कूल्हे में दर्द की शिकायत हुई। रोहतक पीजीआई में जांच कराने पर बताया गया कि कूल्हे का ऑपरेशन कराना पड़ेगा। करनाल से एचसीपी हरपाल सिंह, कांस्टेबल प्रदीप व सोमबीर पूनाराम को लेकर सोमवार को पीजीआई पहुंचे। कैदी को पीजीआई के प्रिजनर्स वार्ड में दाखिल कर दिया गया। कांस्टेबल सोमबीर को डेंगू हो गया तो वह अधिकारियों को बताकर उपचार कराने चला गया और कैदी के साथ एक एचसीपी व एक कांस्टेबल रह गये। शुक्रवार को पूनाराम का ऑपरेशन होना था, जिसके लिए उसकी सभी जांच की गई थी। सुबह साढ़े दस बजे पूनाराम के साथ एचसीपी हरपाल सिंह मौजूद था और कांस्टेबल प्रदीप बराबर वाले कमरे में सोया हुआ था। उसी समय डॉक्टर पहुंचे और हरपाल जांच रिपोर्ट लेने चला गया। उसने वापस आकर देखा तो पूनाराम बिस्तर से लापता था और हथकड़ी उसी जगह पड़ी हुई थी। हथकड़ी ढीली होने के कारण कैदी ने खुद ही हथकडी निकाल दी। यह देखते ही कांस्टेबलों ने उसे तलाशना शुरू कर दिया, लेकिन वह नहीं मिल सका। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पीजीआई थाने से पुलिस भी पहुंची और कैदी को तलाशना शुरू किया, लेकिन उसका पता नहीं लग सगा।
हरियाणा-पंजाब में करता था डकैती
पूनाराम हरियाणा व पंजाब के राज्यों में अपने गैंग के साथ लूट व डकैती की घटनाओं को अंजाम देता था। वारदात के बाद अपने पैतृक गांव खानपुर कलां में शरण लेता रहा। वह केवल बाहर के राज्यों में ही अपने गैंग के साथ सक्रिय रहा। एसपी शामली विजय भूषण का कहना है कि पूनाराम के बारे में जिले के किसी भी थाने में कोई रिकॉर्ड की जानकारी नहीं है।
वर्जन
कैदी के फरार होने के मामले में शिकायत मिली है, लेकिन पुलिस अभी उसकी तलाश में लगी है। अभी कोई सुराग नहीं लगा है। मामले में तीनों पुलिसकर्मी एचसीपी हरपाल सिंह, कांस्टेबल प्रदीप व सोमबीर के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही और पूनाराम के खिलाफ पुलिस कस्टडी से भागने का केस दर्ज किया गया है।
कुलदीप, एसएचओ थाना पीजीआई, रोहतक।