शहर के प्रेम नगर चौक पर आफिस चलाने वाले चाचा-भतीजे को हनी ट्रैप के जाले में फांसने के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सीआईए पुलिस की गिरफ्त में आई कारौर की एक महिला व रूपनगर के युवक ने बताया कि पहले दोनों को दोस्ती के जाल में फांसा। इसके बाद ब्लैकमेलिंग करके 24 हजार रुपये और सोने की चेन ऐंठ ली। बाद में दुष्कर्म का केस दर्ज कराने की धमकी देकर 10 लाख की डिमांड की, लेकिन मामला सिरे नहीं चढ़ने पर चाचा-भतीजे ने अर्बन एस्टेट थाने में केस दर्ज करवा दिया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पूनम और मोहित को गिरफ्तार किया है, लेकिन मामले की अहम कड़ी उन दो महिलाओं की तलाश कर रही है, जिनसे चाचा-भतीजे की पहली मुलाकात हुई थी।
सीआईए इंस्पेक्टर जगबीर सिंह कादियान ने बताया कि नजदीक के एक गांवों के युवकों ने शहर में फाइनेंस का आफिस खोल रखा है। उनमें से एक के दोस्त विकास के माध्यम से दोनों की मुलाकात सिविल लाइन थाना एरिया के एक होटल में दो महिलाओं से हुई। इनमें एक नजदीकी गांव की रहने वाली है, जबकि दूसरी दिल्ली से आई थी। फाइनेंस का काम करने वाले युवक ने फरवरी माह में अर्बन एस्टेट थाने में केस दर्ज करवाया था कि दोनों महिलाओं ने उन्हें धमकी दी कि वे उन्हें रेप के केस में फंसा देंगी।
दबाव डालकर चाचा-भतीजे से 24 हजार रुपये और सोने की चेन ले ली। इसके बाद महिलाओं ने दोनों से संपर्क किया और 10 लाख की मांग की। परेशान चाचा-भतीजे ने अर्बन एस्टेट थाने में रूप नगर निवासी युवक मोहित के साथ-साथ विकास, नीतिश सहित तीन महिलाओं के खिलाफ ब्लैकमेल करने का केस दर्ज किया। मामले की जांच सीआईए वन को सौंपी गई। सीआईए ने जांच करते हुए एक महिला व मोहित को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
संबंध बनाकर करती हैं ब्लैकमेल
पुलिस का कहना है कि गिरोह पहले युवकों को अपने जाल में फंसाता है। साजिश के तहत महिलाएं अपनी मर्जी से युवकों के साथ शारीरिक संबंध बनाती हैं। इसके बाद दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देकर रकम वसूलती हैं। चाचा-भतीजे के केस से पहले भी गिरोह कई युवकों को अपने जाल में फांस चुका है, लेकिन सामाजिक शर्मिंदगी के डर से पुलिस रिपोर्ट नहीं करवाई गई।