निगम में कार्यरत अस्थाई कर्मी पर लग रहा हाउस टैक्स में घोटाले का आरोप
- फोटो : file
नगर निगम में हाउस टैक्स के लाखों रुपयों का घोटाला सामने आया है। घोटाला का आरोप एक अस्थाई कर्मी पर लग रहा है। लाखों रुपये के इस घोटाले में कई अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। आखिर एक अस्थाई कर्मचारी को कैश की इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे दे दी गई? वहीं टैक्स के रुपये का हिसाब रोजाना क्यों नहीं लिया गया? हालांकि अधिकारियों का दावा है कि वह कर्मी जल्द ही वापस आकर रुपया जमा करा देगा।
नगर निगम के टैक्स ब्रांच में काफी समय से अस्थाई कर्मी कार्यरत हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते अस्थाई कर्मी को हाउस टैक्स में कैश जमा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जबकि नियमों के अनुसार किसी अस्थाई कर्मी को कैश की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जानी चाहिए। अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण ही हाउस टैक्स में लाखों का घोटाला हो गया है। टैक्स के कैश की जिम्मेदारी के लिए नियुक्त कर्मी 10 दिन से कार्यालय नहीं आया। जब कैश की जांच की गई तो पता चला कि उसमें हाउस टैक्स का करीब डेढ़ लाख रुपये कम है। टेक्स जमा करने की पर्ची काट दी गई, लेकिन रुपया जमा नहीं कराया गया।
अधिकारियों का नहीं उठा रहा फोन, घर पर भी नहीं
लापरवाह अधिकारियों की हालत उस समय और ज्यादा खराब हो गई, जब वह कर्मी अपने घर भी नहीं मिला। वह काफी समय से अपने घर से अलग रह रहा है। वहीं वह अधिकारियों के फोन नहीं उठा रहा। इस मामले को लेकर निगम में जांच बैठा दी गई और कर्मी के खिलाफ मुकदमे की तैयारी की जा रही है। वहीं लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी इसे लेकर उच्च अधिकारी खामोश हैं।
इस मामले में कोई जानकारी नहीं है कि हाउस टैक्स का रुपया लेकर कोई चला गया है। यह गंभीर मामला है और इसकी जानकारी करके कार्रवाई की जाएगी।
अजय चोपड़ा, ज्वाइंट कमिश्नर
जिसको यह जिम्मेदारी दी गई थी, वह भागा नहीं है। उससे बातचीत चल रही है और वह जल्द ही वापस आकर रुपया जमा करा देगा। इसमें अपने स्तर से कार्रवाई चल रही है और निगम का रुपया जमा जरूर होगा।
आरएन शर्मा, जेडटीओ