एमडीयू के खेल कार्यालय के सहायक को रिश्वत लेने के मामले में कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई है। उसने नौकरी दिलवाने के नाम पर चार लाख रुपये मांगे थे, जिसको 10हजार रुपये देते हुए विजिलेंस से रंगेहाथ पकड़वाया गया था। इस मामले में सहायक पर 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। रिश्वत लेने का मुकदमा दर्ज होने के बाद उनको सस्पेंड कर दिया गया था और वह अभी तक सस्पेंड चल रहे थे।
सोनीपत के गोहाना में रहने वाले राज सिंह ने विजिलेंस के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बेटे ने महिला विश्वविद्यालय खानपुर में क्लर्क के लिए आवेदन किया था। जिसकी नौकरी लगवाने के नाम पर एमडीयू के खेल कार्यालय में सहायक जयकिशन रंगा चार लाख रुपये मांग रहा है। विजिलेंस ने सहायक जयकिशन को पकड़ने के लिए पूरी योजना बनाई और उसके तहत ही राज सिंह ने सहायक से पहले 10 हजार रुपये देने को कह दिया। जिसके लिए सहायक तैयार हो गया और उसने 10 हजार रुपये लेने के लिए राज सिंह को बुला लिया। राज सिंह ने सहायक को दस हजार रुपये दिए तो उसी समय विजिलेंस की टीम पहुंच गई और सहायक को रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया। इस मामले में न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत से जयकिशन रंगा को चार साल कैद और 17 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।