दंगों के एक साल बाद फिर जिला प्रशासन व पुलिस की जाट आरक्षण को लेकर सबसे बड़ी परीक्षा रविवार को होगी। आंदोलन को शांत रखने व फरवरी 2016 में हुए घायलों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने 27 लोगों की सूची तैयार की थी, जिन्हें 18 लाख की सहायता दी जा रही है।
अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार, एसडीएम रोहतक डॉ. मुनीश नागपाल, एसडीएम महम प्रदीप अहलावत, एसडीएम सांपला तरूण पावरिया व नगराधीश महेंद्रपाल ने पीड़ितों को सहायता राशि के चैक प्रदान किए। अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सहायता राशि के चैक प्राप्त करने वाले यदि आखिरी स्तर पर आंदोलन में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए तो उन्हें प्रदान की गई स्वीकृत राशि वसूल की जाएगी।
9 घायलों को एक-एक लाख
दंगों में गोली लगने से घायल दिलबाग सिंह पुत्र भूपसिंह निवासी पाकस्मा, विकास पुत्र राजबीर निवासी विजय नगर, सुरेंद्र पुत्र ओमप्रकाश निवासी रुड़की, अजय पुत्र हंसराज निवासी गद्दी खेड़ी, मोनू पुत्र सत्यवान निवासी मकड़ौली कलां, मनीष पुत्र कर्मबीर निवासी मदीना, कपिल पुत्र समुंद्र निवासी अजायब, रोमी उर्फ रोबिन पुत्र कर्ण सिंह निवासी लाढ़ोत, प्रमोद पुत्र द्वारका प्रसाद निवासी देव कॉलोनी को प्रशासन एक-एक लाख रुपये के चैक देगा।
18 लोगों को 50-50 हजार रुपये
वहीं, गंभीर चोट लगने से घायल हुए धर्मेंश अहलावत पुत्र राजकुमार निवासी शिमली, पवन पुत्र संतराम निवासी सुंदरपुर, संदीप पुत्र रामकिशन निवासी सेक्टर-3, धर्मबीर पुत्र जिलेसिंह निवासी रुड़की, अमित पुत्र कृष्ण निवासी मदीना, नरेंद्र पुत्र जयसिंह निवासी रिठाल, जगदीश पुत्र जीत सिंह निवासी माता दरवाजा रोहतक, पवन पुत्र रवींद्र निवासी कन्हेली, रवि पुत्र सतबीर निवासी खरकड़ा, रवींद्र पुत्र रामफल निवासी बलियाना, नवीन पुत्र महेंद्र व पुनित पुत्र दलबीर जाट कॉलेज रोहतक, मंजीत पुत्र महाबीर निवासी ब्राह्मणवास, नरेंद्र पुत्र वजीर चंद निवासी डीएलएफ कॉलोनी, दीपक पुत्र सतबीर निवासी मोखरा खास व संदीप पुत्र ईश्वर निवासी गढ़ी बोहर को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।