अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर जसिया में चल रहे धरने पर आज पुलिस-प्रशासन की अग्नि परीक्षा होगी। धरना स्थल पर मनाए जाने वाले बलिदान दिवस में भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। आयोजक धरने पर शांति व्यवस्था बनाए रखने का दावा कर रहे हैं तो वहीं पुलिस-प्रशासन ने भी हर स्थिति से निपटने की तैयारी कर ली है।
जसिया में चल रहा धरना शनिवार को 22वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर सुबह से ही महिला-पुरुषों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मंच पर वक्ताओं ने खुले तौर पर सरकार पर तंज कसे। प्रदेश प्रभारी अशोक बल्हारा ने कहा कि रविवार को धरना स्थल पर बलिदान दिवस मनाया जाएगा। इसमें आंदोलन में मारे गए युवाओं और सीमा पर शहीद होने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
आह्वान किया कि इस बलिदान दिवस के माध्यम से सरकार को चेताया जाएगा कि जाट समाज अपने हक के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि बलिदान दिवस में पांच लाख से अधिक लोग भाग लेकर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।
इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक करीब 1 बजे धरने पर आकर लोगों को संबोधित करेंगे और आंदोलन की अगली रणनीति का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जाट समाज की खामोशी को कमजोरी न समझे। सरकार की यह बड़ी भूल होगी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच हजार स्वयंसेवक तैयार किए गए हैं, जिनकी हर गांव में ड्यूटी लगाई गई है। ये स्वयंसेवक गांवों से आने वाले लोगों को धरना स्थल तक लेकर आएंगे।
साथ ही पुलिस-प्रशासन को भी चेताया कि शांतिपूर्ण तरीके से बलिदान दिवस मनाया जाएगा, यदि किसी व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार किया तो बर्दाश्त नहीं होगा। हालांकि बलिदान दिवस को शांतिपूर्ण तरीके से कराने का दावा किया जा रहा है, लेकिन फिर भी पुलिस-प्रशासन ने अपनी तैयारी कर ली है। धरना स्थल के आसपास भारी संख्या में फोर्स तैनात की जाएगी।
प्रशासन से अपील, आज जिले में होनी चाहिए शराबबंदी
धरना स्थल पर आयोजकों ने जिला प्रशासन से भी अपील की है कि बलिदान दिवस के दिन जिले में शराबबंदी होनी चाहिए। क्योंकि शराबबंदी न होने से माहौल बिगड़ने की आशंका है। हालांकि शराबबंदी रहेगी या नहीं, इस बारे में जिला प्रशासन की तरफ से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
यह बोले राष्ट्रीय अध्यक्ष
जाट समाज शांति का पक्षधर है और शांतिपूर्वक तरीके से बलिदान दिवस मनाया जाएगा। रोहतक में बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग इकट्ठा होंगे। बलिदान दिवस में आंदोलन की अगली रणनीति का खुलासा होगा। हालांकि मांग पूरी नहीं होने तक धरने जारी रहेंगे।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति