राजीव गांधी खेल परिसर में रविवार को नेशनल स्कूल हॉकी स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का भव्य तरीके से आगाज हुआ। पहले दिन हरियाणा के बेटे-बेटियों का जलवा रहा। बेटियों ने प्रतिद्वंद्वी गुजरात की टीम को 21-0 और बेटों ने आईपीएससी की टीम को 11-0 के अंतर से हराकर बड़ी मात दी। इनके अलावा अन्य प्रदेशों की टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
चैंपियनशिप का आगाज मुख्य अतिथि मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश ने किया। मंडलायुक्त ने 25 प्रदेशों से आए खिलाड़ियों और कोच को शपथ दिलाई कि खेल को खेल की भावना से ही खेला जाए। किसी भी प्रकार की नशीली दवाइयों का प्रयोग न करें। इसके बाद भालौठ और कलानौर स्कूलों के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। इसमें बच्चों ने हरियाणा की संस्कृति को दर्शाया। चैंपियनशिप के आगाज पर डीसी अतुल कुमार, एडीसी प्रदीप कुमार, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक अमरजीत मान, सीटीएम महेंद्रपाल और जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता रूहिल ने सभी को बधाई दी। इसके बाद आला अधिकारियों ने मैदान में पहुंचकर मुआयना किया और खिलाड़ियों की हौसला आफजाई की। पहले दिन राजीव गांधी स्टेडियम में पांच मैच लड़कों और तीन मैच लड़कियों के खेले गए। इसके अलावा एमडीएन और डीपीएस स्कूल में भी लड़कियों के पांच मैच खेले गए।
लड़कों में भी छाया हरियाणा
लड़कों के मैच में पहला मुकाबला उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश ने बिहार को 3-1 से हराया। झारखंड और जम्मू-कश्मीर के बीच हुए मुकाबले में झारखंड ने 8-0 से जीत हासिल की। हरियाणा ने 11-0 के अंतर से आईपीएफसी, मध्यप्रदेश ने 7-1 के अंतर से राजस्थान, कर्नाटक ने 4-1 के अंतर से तमिलनाडु और उत्तराखंड ने 6-1 के अंतर से हिमाचल को हराया। चंडीगढ़ ने 4-1 के अंतर से मणिपुर को धूल चटाई तो बंगाल ने सीबीएसई को 10-0 के अंतर से मात दी।
हरियाणा की बेटियों ने कुछ यूं दी मात
लड़कियों में पहला मैच केंद्रीय विद्यालय संगठन और बंगाल के बीच हुआ। इसमें केवीएस ने 11-0 से जीत दर्ज की। दूसरे मैच में मध्यप्रदेश ने राजस्थान को 2-0 से हराया। महाराष्ट्र ने आईपीएससी को 1-0, कर्नाटक ने तमिलनाडु को 6-0, हरियाणा ने गुजरात को 21-0 के बड़े अंतर से शिकस्त दी। हिमाचल प्रदेश ने उत्तराखंड को 9-0, पंजाब ने चंडीगढ़ को 4-0, मणिपुर ने सीबीएससी को 1-0 और उत्तर प्रदेश ने केवीएस को 5-1 के अंतर से मात दी।
कहीं दोनों टीमों को मिली हार तो किसी राज्य की बेटियों ने बचा ली लाज
चैंपियनशिप के पहले दिन अलग-अलग नजारा देखने को मिला। किसी राज्य की लड़के और लड़कियों की टीमों को हार का सामना करना पड़ा तो किसी राज्य की बेटियों ने लाज बचा रही। कुछ ऐसा ही हुआ हिमाचल प्रदेश की टीम के साथ। हिमाचल के लड़कों की टीम को शिकस्त मिली तो लड़कियों ने उत्तराखंड को हराकर जीत हासिल कर ली। मणिपुर के लड़कों को हार मिली तो लड़कियों ने सीबीएसई की टीम को शिकस्त देकर जीत दर्ज कराई। राजस्थान, तमिलनाडु और आईपीएससी समेत कई राज्य ऐसे रहे, जिनकी दोनों टीमें धराशायी हो गईं। हालांकि, इनके बीच हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और कर्नाटक ऐसे रहे, जिनकी दोनों टीमों ने जीत हासिल कर अपनी मौजूदगी का आभास कराया।
हर खिलाड़ी को मिलेगी रेवड़ी-गज्जक
चैंपियनशिप के आगाज केे साथ ही मंडलायुक्त की तरफ से घोषणा की गई कि चैंपियनशिप के समापन पर सभी खिलाड़ियों को रोहतक की प्रसिद्ध रेवड़ी और गज्जक के पैकेट दिए जाएंगे। दरअसल, मंडलायुक्त ने यह घोषणा कार्यक्रम स्थल की अच्छी व्यवस्थाओं को देखकर की।
यह बोले खिलाड़ी
- माता-पिता की बेरोजगारी के बाद भी खिलाड़ी मुकाम हासिल करने की ओर अग्रसर हैं। इसकी एक मिसाल है गुजरात की टीम का खिलाड़ी राहुल। 8वीं क्लास के छात्र राहुल ने बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। माता-पिता के पास कोई रोजगार नहीं है, लेकिन दूसरों को हॉकी खेलता देख इसमें रुचि बनी। कड़ी मेहनत के बाद वह अंडर नेशनल-14 टीम का हिस्सा बना।
- तेलंगाना से आए खिलाड़ी दीपक के पास हॉकी खरीदने के लिए रुपये नहीं थे। दीपक का कहना है कि मां-बाप ने आर्थिक तंगी के बावजूद उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है। खेल के इसी जुनून ने उसे अंडर नेशनल 14 टीम में शामिल कर दिया।