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फर्नीचर घोटाला : छह अधिकारियों पर भी आएगी जांच की आंच

Thu, 07 Jul 2016 02:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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फर्नीचर बिल भुगतान की फाइल पर कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर समेत छह अधिकारियों के साइन - फोटो : amar ujala
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नगर निगम के फर्नीचर घोटाले की जांच जब विजिलेंस करेगा तो उसकी जांच की आंच मेयर के साथ ही कमेटी में शामिल अन्य लोगों के अलावा छह अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है। जिनमें कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर भी शामिल हैं। मेयर का कहना है कि वह तो केवल फर्नीचर की खरीद कमेटी में शामिल थीं, जबकि भुगतान अफसरों ने किया है। इसलिए यदि कोई गड़बड़ हुई है तो उसके लिए अधिकारी जिम्मेदार हैं।
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फर्नीचर खरीदने के लिए बनी कमेटी में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर, एमई व एकाउंट ऑफिसर शामिल थे, लेकिन फर्नीचर खरीदने से लेकर भुगतान तक की फाइल में केवल इनके ही हस्ताक्षर नहीं हैं, बल्कि उसमें कई बड़े अधिकारियों के भी हस्ताक्षर हैं। इस तरह वह भी जांच की जद में आ सकते हैं। मेयर की माने तो फर्नीचर खरीदने वाली कमेटी में भले ही वह शामिल हों, लेकिन उसके टेंडर की स्वीकृति कई अधिकारियों ने दी। फर्नीचर के भुगतान की फाइल पर कई अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। उस समय निगम के कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर, एमई, एकाउंट ऑफिसर के अलावा डिप्टी डायरेक्टर ऑडिट भी उसका ऑडिट कर चुके थे। इस तरह से इनका भी विजिलेंस की जांच की जद में आना तय माना जा रहा है।

भाजपा पार्षद बोले, मेयर का बर्खास्त होना तय

फर्नीचर घोटाले में विजिलेंस जांच शुरू कराये जाने के अलावा मेयर को नोटिस जारी करने से भाजपा पार्षद उत्साहित हैं। उनका दावा है कि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर का मामले में बर्खास्त होना तय है। वह केवल बर्खास्त ही नहीं होंगे, बल्कि उनकी सदस्यता भी रद्द होगी। भाजपा पार्षद पूनम किलोई, जयकिशन शर्मा का कहना है कि जिस तरह से जनता के पैसे को बर्बाद किया गया है, उसमें इन सभी को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए था।
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शासन में दबी फाइल निकलवाई गई

नगर निगम के फर्नीचर घोटाले की फाइल दिसंबर-2015 में शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय में भेज दी गई थी। फाइल को तत्कालीन डायरेक्टर विकास गुप्ता ने फाइनेंस कमिश्नर अनिल कुमार के पास भेजा। वहां से अप्रैल में मंत्री कविता जैन के पास फाइल पहुंची। उसके बाद फाइल का कुछ पता नहीं चल रहा था। इसके बाद पार्षद अशोक खुराना, पूनम किलोई के पति सूरजमल किलोई ने कई बार चक्कर लगाए, जिस पर मंत्री कविता जैन ने कार्रवाई की संस्तुति की। अब सीएम ने विजिलेंस जांच व नोटिस भिजवाने की कार्रवाई की।

सवाल : मेयर के सहारे हुड्डा को तो नहीं घेर रहे

जिस तरह से सीएम ने फर्नीचर घोटाले की फाइल पर कार्रवाई की है, उससे माना जा रहा है कि मेयर के सहारे पूर्व सीएम हुड्डा को घेरा जा रहा है। क्योंकि रोहतक हुड्डा का गृह जनपद है और यहां शहर की सरकार भी कांग्रेस की है। इस तरह निगम में भाजपा पूरी तरह से लाचार दिखती है। मेयर रेनू डाबला भी कहती हैं कि राजनीतिक द्वेष की भावना से यह कार्रवाई की जा रही है।
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