फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एआईपीएमटी पेपर लीक का मास्टरमाइंड एक लाख का इनामी दांगी गिरफ्तार  

Fri, 01 Apr 2016 02:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
रूप सिंह दांगी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एआईपीएमटी की प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक कराकर देशभर में हड़कंप मचाने वाले मास्टरमाइंड एक लाख के इनामी रूप सिंह दांगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सीआईए 2 ने उसे बृहस्पतिवार शाम को जखौदा रोड पर बहादुरगढ़ बाइपास से कार में जाते समय पकड़ा है। पुलिस को उसकी दस दिन पहले लोकेशन मिली थी और उसी समय से पुलिस उसके पीछे लगी थी। जिसमें पुलिस को अब जाकर कामयाबी मिली। पुलिस आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी। पुलिस प्रशासन की ओर से 1 मार्च 2016 में आरोपी दांगी को भगौड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस उससे अभी पूछताछ करेगी, जिससे गिरोह के अन्य लोगों का पता चल सके और उनको भी पकड़ा जा सके। 
विज्ञापन


सीआईए 2 को होली से तीन दिन पहले दांगी की प्रदेश में लोकेशन मिली थी। हालांकि बार बार आरोपी द्वारा लोकेशन बदलने के कारण पुलिस तक नहीं पहुंच पा रही थी। बृहस्पतिवार को मुखबिर ने सीआईए 2 को दांगी के रोहतक जिले में आने की सूचना दी। इस पर पुलिस ने जिले में नाकेबंदी कर दी। सीआईए की टीम बहादुरगढ़ बाइपास पर तैनात हो गई। जैसे ही पुलिस ने जाखौदा रोड पर दांगी को कार में जाते देखा तो उसकी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना तुरंत एसपी को दी गई। फिर पुलिस उसे रोहतक लेकर आई। 

सांपला जा रहा था दांगी 
पुलिस ने बताया कि आरोपी दांगी कार में सांपला जा रहा था। यहां उसे किसी दोस्त से मुलाकात करनी थी। अब पुलिस आरोपी से रिमांड अवधि में पूछताछ करेगी कि वह सांपला में अपने किस गुर्गे से मिलने जा रहा था। सीआईए इंचार्ज राकेश सैनी ने बताया कि आरोपी अपनी की सफे द रंग की कार में घूम रहा था। पुलिस पेपर लीक मामले में काफी अहम जानकारियां दांगी से जुटाने में लगी है।  
विज्ञापन


3 मई 2015 को लीक हुआ था पेपर  
3 मई 2015 को जिलेभर में एआईपीएमटी की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने तत्कालीन आईजी श्रीकांत जाधव को पेपर लीक होने की सूचना दी थी। इस पर दोपहर बाद पुलिस ने गुढाणा निवासी डॉ भूपेंद्र सिंह, गद्दी खेड़ी निवासी राजेश बिश्नोई, बसंत विहार निवासी संजीत और ग्रेटर नोएडा के नीमका निवासी रवि अत्री को गिरफ्तार किया था। तब पेपर लीक प्रकरण का खुलासा हुआ था। आरोपियों व अभ्यर्थियों के पास से नकल कराने के आधुनिक उपकरण, अंडर गारमेंट्स सहित अन्य सामान बरामद हुआ था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा को रद्द कर दिया था। पेपर लीक के समय आरोपियों ने 15 से 30 लाख रुपये में आंसर की परीक्षार्थियों को बेची थी। 

देशभर से हुई 50 से अधिक गिरफ्तारी 
आंसर की लीक होने के बाद पुलिस ने देशभर में छापेमारी कर 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें डॉक्टर, मास्टर सॉल्वर, छात्र-छात्राएं और महाराष्ट्र के एक नेता का बेटा भी शामिल था। पुलिस ने हरियाणा सहित दिल्ली, बिहार, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में छापेमारी की थी। 
विज्ञापन


यूं चला घटनाक्रम- 
3 मई 2015- चार आरोपी उपकरण वाले अंडर गारमेंट्स सहित गिरफ्तार। 
4 मई - तत्कालीन आइजी श्रीकांत जाधव ने मीडिया के सामने किया पेपर लीक का खुलासा।  
6 मई -  पुलिस जांच टीम राजस्थान के बहरोड़ स्थित शक्ति रिसोर्ट में आरोपियों द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम तक पहुंची। 
10 मई - अंडर गारमेंट्स बेचने वाला मूलरूप से बिहार निवासी आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार।
12 मई - परीक्षार्थियों के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। 
27 मई - यूपी के कुशीनगर दो परीक्षार्थी गिरफ्तार। 
28 मई - यूपी के कुशीनगर से एमबीबीएस छात्र गिरफ्तार। 
3 जून - सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा परिणाम पर रोक लगाई।
4 जून - डीजीपी ने प्रदेश भर की 17 टीमों का किया गठन किया। 
5 जून - मुख्यारोपी रूपसिंह दांगी पर एक लाख का इनाम घोषित।  
9 जून - पहली गर्ल्स परीक्षार्थी को अदालत से मिली जमानत।
16 जून - सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने के आदेश। 
1 मार्च 2016 - अदालत ने दांगी को भगौड़ा घोषित किया।  
31 मार्च 2016 - मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी गिरफ्तार। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें